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कुपोषण से बच्चों की मौत, विधानसभा में हंगामा

Fri, 19 Sep 2014 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर Updated Fri, 19 Sep 2014 01:49 AM IST
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Assembly roars in case of death from malnutrition.

राजस्थान विधानसभा में बृहस्पतिवार को कुपोषण से बच्चों की मौत का मामला गूंजा। बारां जिले तीन बच्चों की कुपोषण से मौत हो गई थी। इनमें से एक बच्चे की मौत मंगलवार को हुई थी।

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इस मामले पर पक्ष-विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। काफी देर तक आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। हालांकि चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में कहा कि एक भी बच्चे की मौत कुपोषण से नहीं हुई है।
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बारां जिले के शाहबाद में सहरिया बच्चों की कुपोषण से हो रही मौतों के मामले में सदन में हंगामा हुआ। राजपा विधायक किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने स्थगन के जरिए सहरिया बच्चों की कुपोषण से हो रही मौतों का मामला उठाया।
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किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि बारां और उदयपुर क्षेत्र में बड़ी तादाद में बच्चे कुपोषित हैं, इन इलाकों में भुखमरी की स्थिति है। अभी तक इन इलाकों में कोई मंत्री सुध लेने नहीं गया।

इस पर चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि बारां जिले में दो बच्चों की मौत की खबरें आई थी, लेकिन कुपोषण से किसी बच्चे की मौत नहीं हुई। चिकित्सा विभाग ने जांच करवाई है। कुपोषण पर सरकार गंभीर है। रमेश मीणा ने कहा कि 250 कुपोषित बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं।

ये है मामला?
बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र में मंगलवार को एक ढाई वर्ष के, 6 सितम्बर को एक वर्ष के और 5 सितम्बर को डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के करीब 30 में से 12-15 गांवों में बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं।

चिकित्सक भी हैरान रह गए कि अस्पताल में भर्ती बच्चों में कुपोषण के चलते तीन साल का बच्चा भी चलने की बात दूर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। भर्ती बच्चों में पांच बच्चों की हालत गम्भीर है।


बाल चिकित्सक डॉ. एम.के. गप्ता ने बताया कि सभी बच्चों को भर्ती करके उपचार शुरू कर दिया है। सभी बच्चों के मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं। सभी बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।

आशा सहयोगिनी अंजना मीणा ने बताया कि सभी बच्चों को आशा सहयोगिनियों ने चिह्नित किया है। अभी और भी ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें कुपोषण है।

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