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नावेद बोला, पाकिस्तान में मेरे घरवालों से बात कराओ

Sat, 19 Sep 2015 02:33 PM IST
Updated Sat, 19 Sep 2015 02:33 PM IST
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Ask NIA to let me speak to my parents in Pakistan: Terrorist Muhammad Naveed

उधमपुर में बीएसएफ की टुकड़ी पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद ने अपने परिवार वालों से बात करने की इच्छा जाहिर की है। इसे पिछले महीने ही उधमपुर से गिरफ्तार किया गया था। नावेद ने जम्मू के स्पेशल कोर्ट में पेशी के दौरान जज से कहा की वह सीमा पार उसके परिवार से बात कराने में उसकी मदद करे।

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अधिकारियों ने बताया कि यह हमारे लिए एक सबूत की तरह है जिससे हमारा दावा और मजबूत होगा। नावेद ने कोर्ट में कहा, 'जज साहिब, मुझे लगातार उनकी याद आ रही है। मैंने उनसे (परिजनों) लम्बे अरसे से बात नहीं की। उनसे फोन पर बात कराने में मेरी मदद करिए। मैंने उन्हें (एनआईए) अपने परिवार वालों का नंबर दिया है।'
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नावेद और उसके दो अन्य स्थानीय साथियों शौकत और खुर्शीद को गुरुवार को विशेष न्यायाधीश वाईपी कोटवाल के सामने पेश किया गया जिसके बाद कोर्ट ने इन आतंकियों को 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन आतंकियों को कोट भलवल जेल से अलग-अलग गाड़ियों में लाया गया था। कोर्ट में एनआईए ने बताया की उधमपुर हमले में कुछ अन्य लोग भी शामिल थे जो किसी बड़े षडयंत्र की साजिश रच रहे हैं।
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एनआईए का जवाब

Ask NIA to let me speak to my parents in Pakistan: Terrorist Muhammad Naveed

नावेद से पहले शौकत और खुर्शीद भी अपने परिजनों से बात करने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। नावेद ने कहा कि एनआईए के पास मेरे परिवार वालों का नंबर है और वह 'घर जाना चाहता है।' वहीं एनआईए के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि जो नंबर नावेद ने उनको दिया था वह फिलहाल उपयोग में नहीं है। ऐसा लगता है कि फोन का कनेक्शन काट दिया गया है।

इस पर नावेद ने कहा कि उसके पास पाकिस्तान के कुछ अन्य दोस्तों के फोन नंबर भी हैं। उसने एनआईए को उनके नंबर देते हुए उनको फोन करने को कहा। उसने कहा कि उनमें से कोई भी दोस्त उसके परिवार वालों को बुला लेगा और परिजनों से उसकी बात करवा देगा।

गौरतलब है कि शौकत ने ही सीमा पार करने के बाद नावेद और उसके साथियों को अपने ट्रक में बैठाकर बारामुला से दक्षिण कश्मीर तक लेकर आया था। इसके अलावा खुर्शीद को इसलिए गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उसने नावेद और नोमान को जम्मू तक लाने में मदद की थी।

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