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ताजमहल या शिव मंदिर? ASI ने कोर्ट में दिया जवाब

Thu, 16 Jul 2015 12:13 PM IST
Updated Thu, 16 Jul 2015 12:13 PM IST
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ASI respond in court, 'the Taj Mahal was built by Shah Jahan'.

ताजमहल के शिव मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका पर एएसआई ने अपना जवाब कोर्ट में दाखिल कर दिया है।

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कहा है कि ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने कराया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का एक हवाला देते हुए दीवानी कोर्ट में चल रहे मुकदमे को खारिज करने का अनुरोध भी किया है।

एएसआई की ओर से अधिवक्ता अंजना शर्मा ने वाद में दिए तथ्यों का जवाब कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से सात दिसंबर 2010 को पहले ही एक स्टे दिया जा चुका है। इसमें बताया गया है कि पुरातत्व अधिनियम 1958 के अनुसार, ताजमहल को लेकर कोई भी वाद दीवानी अदालत में नहीं सुना जा सकता है। इसलिए यह वाद दीवाना न्यायालय के क्षेत्राधिकार से बाहर है।
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इसी जवाब में कहा गया है कि ताजमहल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने करवाया था। उन्होंने अपने जवाब के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति भी जमा की है। साथ ही अनुरोध किया है कि यह वाद खारिज किया जाए।

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कोर्ट में एएसआई ने दिया जवाब

ASI respond in court, 'the Taj Mahal was built by Shah Jahan'.

इधर, वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने भारत सरकार के पुरातत्व विभाग की ओर से प्रस्तुत इस जवाब पर अपना उत्तर दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। इस वाद में दावा किया गया था कि ताजमहल शिव मंदिर है।

इस पर कोर्ट ने गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) को जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। इसी पर एएसआई ने जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई 2015 की तारीख नियत की है।

उधर, गाइड शमसुद्दीन की ओर से इस मामले में पक्षकार बनने के लिए पूर्व में कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र की प्रति वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ को दिलाने के आदेश किए।

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