असीमानंद मुद्दा: कांग्रेस पर भाजपा का तीखा पलटवार
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समझौता एक्सप्रेस व अन्य बम धमाकों के आरोपी स्वामी असीमानंद के कथित इंटरव्यू को भाजपा ने खारिज करते हुए इसे लोकसभा चुनावों से पहले सरकार द्वारा लोगों का ध्यान बंटाने का एक हथकंडा करार दिया है।
असीमानंद ने कथित इंटरव्यू में कहा है कि आतंकी गतिविधियों को संघ की ओर से मंजूरी मिली थी।
पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘इस बेहद पुराने केस का समय बिल्कुल स्पष्ट है, 2014 के चुनाव। हर बार चुनावों से पहले इस तरह के मुद्दों को उठाया जाता है, जिसे लोगों को प्रमुख मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।’
लेखी ने कहा है कि भ्रष्टाचार, मुद्रास्फीति, महंगाई, कांग्रेस का कुशासन और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे कई मामलों में गांधी परिवार की सीधी भूमिका जैसे मुद्दे आम जनता के लिए अहम हैं।
काल्पनिक है असीमानंद का इंटरव्यू
असीमानंद ने ‘कारवां’ मैगजीन के दिए अपने कथित इंटरव्यू में दावा किया था कि हिंदू आतंकी साजिशों को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से ही मंजूरी मिलती है। इसमें समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर शरीफ में हुए धमाके शामिल हैं।
लेखी ने कहा कि असीमानंद आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में पुलिस कस्टडी में थे, इन सभी जगहों पर कांग्रेस की सरकार की थी। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट से भी कहा और पत्र भी लिखा कि उन्होंने ऐसा कोई इंटरव्यू नहीं दिया।
उन्होंने इस इंटरव्यू को काल्पनिक बताते हुए कहा कि हर बार चुनावों से दो या तीन महीने पहले ये लोग ऐसा ही करते हैं। क्या सरकार यह कहना चाहती है कि एनआईए इतनी शक्तिहीन है, जो 6-8 साल में एक केस को सुलझा नहीं पा रही है, आपकी पुलिस एजेंसी हाथ पर हाथ रखकर बैठी है क्या?
दिग्विजय ने भी बोला हमला
स्वामी असीमानंद के विवादित इंटरव्यू के मद्देनजर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एनआईए से कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने संघ नेता इंद्रेश कुमार से अभी तक पूछताछ नहीं होने पर नाराजगी भी जताई।
दिग्विजय ने कहा, ‘यह एक बहुत पुख्ता सबूत है, जिस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है जब असीमानंद ने ऐसा बयान दिया है।
पहले भी वह हमलों के पीछे संघ नेतृत्व की बात कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे तौर पर संघ प्रमुख का नाम लिया है।’