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ईयू की तर्ज पर आसियान ने बनाई आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी
Updated Sun, 22 Nov 2015 11:47 PM IST
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आसियान के सदस्य देशों ने रविवार को यूरोपीय संघ के क्षेत्रीय आर्थिक संगठन की तर्ज पर आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी के गठन का ऐलान कर दिया। आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी एकीकृत बाजार होगा और इसमें सदस्यों देशों के बीच वस्तुओं, पूंजी और कुशल श्रम की मुक्त आवाजाही की व्यवस्था होगी।
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मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी के गठन के समझौते पर आसियान के दस सदस्य देशों के नेताओं ने दस्तख्त किए। इस समझौते पर हस्ताक्षर करते वक्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून भी मौजूद थे।
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आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी यानी एईसी के सदस्य देशों के बीच वस्तुओं, पूंजी और कुशल श्रम की मुक्त आवाजाही होगी। इससे इस बेहद प्रतिस्पर्द्धी आर्थिक जोन में मुक्त व्यापार को और रफ्तार मिलेगी। यह दक्षिण पूर्वी एशिया के विविधता भरे बाजार को एकीकृत कर देगा। इस पूरे क्षेत्र में 62 क रोड़ लोग रहते हैं और उनकी कुल जीडीपी 2.4 ट्रिलियन डॉलर है।
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एशिया के विकास पर जोर
आसियान नेताओं ने मिलकर आगे बढ़ने के उद्देश्य से आसियान 2025 घोषणा को मंजूर किया। घोषणा में कहा गया है कि आसियान एक ऐसे समुदाय की ओर बढ़ने के लिए काम कर रहा है जो राजनीतिक रूप से समरस हो और आर्थिक रूप से जुड़ा और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हो।
एशियन लीगल बिजनेस ने एक अग्रणी लॉ फर्म के पार्टनर का हवाला देते हुए कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ रही है और भारत की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है। हमारा मानना है कि चीन और भारत के बीच प्रतिस्पर्द्धा और प्रतियोगिता आसियान के सदस्यों को एईसी के एजेंडे को आगे ले जाने के लिए प्रेरित करेगी। आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।
एशियन लीगल बिजनेस ने एक अग्रणी लॉ फर्म के पार्टनर का हवाला देते हुए कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ रही है और भारत की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है। हमारा मानना है कि चीन और भारत के बीच प्रतिस्पर्द्धा और प्रतियोगिता आसियान के सदस्यों को एईसी के एजेंडे को आगे ले जाने के लिए प्रेरित करेगी। आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।