जज पर जूता फेंकने की कोशिश, हुआ गिरफ्तार
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आसाराम पर नाबालिग से दुष्कर्म के लगे आरोपों की सुनवाई कर रहे जज पर जूता फेंकने के फिराक में खड़े एक युवक को बुधवार सुबह जोधपुर स्थित अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया।
उत्तर प्रदेश के इलाहबाद निवासी अक्षय शुक्ला के एक हाथ में जूता था और वह गार्डों से अदालत के भीतर घुसने की जिद कर रहा था।
अक्षय गार्डों से कह रहा था कि आसाराम शिव का रूप हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है, जज न्याय नहीं कर रहे, इसलिए वह जज को सबक सिखाएगा।
मामला बिगड़ते देख गार्डों ने मौके पर पुलिस को बुलाया। हालांकि तब तक आसाराम के मामले की सुनवाई करनेवाले जज अदालत नहीं पहुंचे थे और मामले की सुनवाई भी दोपहर बाद होनी थी।
जज पर हमला करने का था इरादा
पुलिस पूछताछ में अक्षय ने बताया कि उसने 2001 में आसाराम से दीक्षा ली थी। वह जोधपुर में एक दिन पहले मंगलवार को ही अदालत के पास पहुंचा था और नजदीक स्थित बिजली के सब स्टेशन पर सो गया।
वह अपने साथ एक बैग और पानी की बोतल लाया था। बुधवार सुबह वह अदालत परिसर में जज के आने के रास्ते में हाथ में जूता लेकर खड़ा हो गया, तब गार्डों ने उसे देख लिया और हटाने का प्रयास किया।
गार्डों के अनुसार युवक संदिग्ध लगा इस कारण उसे भीतर जाने से टोका, तो वह दरवाजे के नजदीक खड़ा हो गया। कुछ लोगों ने उसे जज पर जूता फेंकने बात करते सुन लिया था।
जब मौके पर पुलिस पहुंची तब भी उसके हाथ में जूता था। गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस को अक्षय ने आसाराम को शिव का रूप बताया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई। दोपहर बाद आसाराम मामले की सुनवाई से पहले पूरी जांच के बाद ही संबंधित लोगों को घुसने दिया गया।