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आसाराम ने हाथ जोड़कर अदालत से मांगी महिला वैद्य

Mon, 16 Sep 2013 07:26 PM IST
समीर शर्मा/जयपुर
समीर शर्मा/जयपुर Updated Mon, 16 Sep 2013 07:26 PM IST
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asaram's judicial custody extended

सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन जीनेवाले आसाराम के जोधपुर सेंट्रल जेल में कटे करीब 15 दिन की कहानी उनके चेहरे व आंखों से पढ़ी जा सकती है।

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न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर आसाराम को सोमवार को जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया, तो उनके चेहरे की चमक और आंखों की रौनक गायब थी।
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भीतर चंद मिनटों में ही अदालत ने 30 सितम्बर तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश सुना दिए।

आसाराम ने हाथ जोड़कर अदालत को अपने त्रिनाड़ीशूल की पीड़ा जाहिर की और जेल में एक घंटे के लिए संबंधित महिला वैद्य की व्यवस्था करने की मांग की।

नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में घिरे आसाराम की रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत के साथ प्रमुख सेवक शिवा की भी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त हो गई थी।
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आसाराम की मांग पर अदालत ने कहा कि इस मामले में उनके (आसाराम) वकीलों के जरिए अदालत सुनवाई करेगी और इसके बाद कोई फैसला देगी।

अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए और बढ़ा दी। इसके बाद दोनों को पुलिस न्यायालय से फिर सीधा जोधपुर सेंट्रल जेल ले गई।

गौरतलब है कि जोधपुर के पास मणाई आश्रम में नाबालिग के साथ दुराचार का मामला गत 19 अगस्त को दिल्ली के कमला मार्केट थाने में दर्ज हुआ था।

प्राथमिकी को जोधपुर भेजने पर जांच के बाद 31 अगस्त की रात इंदौर में गिरफ्तार कर आसाराम को यहां लाया गया तथा एक दिन पुलिस रिमाण्ड के बाद दो सितम्बर को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

उसके सेवादार शिवा ने पुलिस के समक्ष 31 अगस्त को समर्पण कर दिया था। इस मामले में छिंदवाडा छात्रावास की वार्डन शिल्पी एवं गुरुकुल संचालक शरदचन्द्र की गिरफ्तारी बाकी है।

हाईकोर्ट ने मांगी केस डायरी, जमानत पर सुनवाई टली
आसाराम की जमानत अर्जी पर सोमवार से शुरू हुई सुनवाई में जोधपुर हाईकोर्ट ने बुधवार को केस डायरी तलब की है और इसी दिन सरकार की ओर से बहस की जाएगी। इसके बाद जमानत अर्जी पर कोई फैसला होगा।

अदालत में आसाराम की ओर से नामी वकील राम जेठमलानी ने एक घंटे से भी अधिक समय तक अपने तर्क रखे।
जेठमलानी ने अदालत में मामला झूठा बताते हुए एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने अदालत से कहा कि पीड़िता कुटिया में थी और चिल्ला रही थी, तो बाहर बैठी मां तक आवाज कैसे नहीं पहुंची?

अदालत में उन्होंने कहा कि पीड़िता बालिग है और एक ऐसे असाध्य रोग से ग्रस्त है, जिसमें उसे पुरुषों के प्रति आकर्षण होता है। जेठमलानी ने इस रोग को पुलिस जांच का विषय बताया।


अदालत में पेश किया जाएगा धमकी वाला टेप
पीड़िता की ओर से वकील मनीष व्यास ने बताया कि आसाराम के समर्थकों द्वारा बयान बदलने को लेकर पीड़िता और उसके पिता को दी गई धमकी वाला टेप अदालत में भी पेश करेंगे।

यह बातचीत 31 अगस्त की है। यह कथित ऑडियो पीड़िता के पिता ने वकील को मेल के जरिए भेजा है।

मनीष व्यास ने बताया कि वे अदालत को बताएंगे कि आरोपी के इशारे पर गवाहों को डराया व धमकाया जा रहा है और ऐसे में जमानत मिल गई, तो मामले को वह प्रभावित कर सकता है। इस कारण आरोपी जमानत नहीं दी जाए।

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