{"_id":"87619fedf7f433f1bb6a41ca6ebc8592","slug":"asaram-rape-case-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमानत के लिए हाईकोर्ट नहीं जाना चाहते आसाराम ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
जमानत के लिए हाईकोर्ट नहीं जाना चाहते आसाराम
समीर
Updated Thu, 05 Sep 2013 08:26 PM IST
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जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय की ओर से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद, आसाराम की ओर से गुरुवार को हाईकोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया गया।
उनके वकील जगमाल चौधरी ने कहा कि सोमवार को जमानत याचिका लगाई जा सकती है, लेकिन अभी तक आसाराम की ओर से इसे लगाने को लेकर कोई आदेश नहीं मिला है।
वकील ने कहा कि जब वे कहेंगे तभी हाईकोर्ट में उनकी जमानत अर्जी दाखिल करेंगे। जेल में सुविधाएं देने की मांग को लेकर निचली अदालत में गुरुवार से शुरू हुई सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
पढ़ें- आसाराम के बाद, एक और संत पर रेप का आरोप
शुक्रवार को इस पर फैसला आ सकता है। इधर, जोधपुर पुलिस टीम की ओर से छिंदवाड़ा गुरुकुल की हॉस्टल वार्डन शिल्पी की तलाश और तेजी से शुरू हो गई।
अलग-अलग टीमों ने अहमदाबाद, दिल्ली और छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम और गुरुकुल में छापे मारे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पढ़ें- संजय दत्त जैसी हरकतें कर रहे हैं आसाराम
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नाबालिग से दुराचार के मामले में फंसे आसाराम को जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 15 सितम्बर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
आसाराम के गंगाजल, बाहर से खाना और निजी बिस्तर उपयोग करने की मांग को लेकर लगाए गए प्रार्थना पत्र पर अदालत में सुनवाई जारी है।
इसमें आसाराम के वकीन ने बहस के लिए समय की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। आसाराम के वकील अदालत के सामने जेल मैन्यूवल और कानून की स्थिति में आसाराम को राहत देने की गुहार करेंगे।
इधर, शिल्पी की तलाश में उसके सम्भावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। मामले के बाद से ही शिल्पी भूमिगत हैं। पीड़ित नाबालिग लड़की को आसाराम तक पहुंचाने में शिल्पी ने अहम भूमिका निभाई थी।
पढ़ें- सेवादार बोला, महिलाओं से अकेले में मिलते थे बापू
वहीं पुलिस को आश्रम के सेवादार शिवा से शिल्पी के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार इस मामले में और सबूत इकट्ठे करने में शिल्पी मददगार साबित हो सकती है।
गहराया सीडी और शिल्पी का रहस्य
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान आसाराम के प्रमुख सेवक शिवा ने सीडी का जिक्र किया है और आसाराम व शिल्पी के बीच के रिश्ते के बारे में भी कुछ चौंका देनेवाले खुलासे भी किए हैं।
हालांकि मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस की ओर से एमजी अस्पताल में लाए गए शिवा ने आसाराम को निर्दोष बताया तथा मीडिया से कहा कि सीडी की कहानी पुलिस की बनाई हुई है और नहीं मालूम कि कौन सी सीडी पुलिस बरामद करना चाहती है।
आशाराम को फंसाया जा रहा है। उसने कहा कि पुलिस सीडी की बात मनवाने के लिए दबाव डाल रही है। उसने कहा कि पीड़िता और शिल्पी को नहीं जानता।
यह भी कहा कि यह पुलिस के द्वारा बनाई गई कहानी है कि उसने शिल्पी के साथ फोन के माध्यम से जुड़कर पीड़िता और परिजनों को आसाराम से मिलवाया था।
उसने कहा कि वह सबूत दे सकता है कि वह घटना के दिन शाम 7 बजे आश्रम छोड़ चुका था। पुलिस सूत्रों ने शिवा की बातें झूठी बताते हुए कहा कि शिवा ने खुद माना है कि आसाराम महिलाओं से एकांत में मिलते थे।
इधर, आसाराम के एक और नजदीगी सेवक प्रकाश को भी तलाश रही है, पीडि़ता को आसाराम ने जब मणई फार्म हाउस स्थित कुटिया के भीतर बुलाया था तो आसाराम के मोबाइल पर आने वाली तमाम फोन कॉल्स प्रकाश ने ही अटेंड किए थे।
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उनके वकील जगमाल चौधरी ने कहा कि सोमवार को जमानत याचिका लगाई जा सकती है, लेकिन अभी तक आसाराम की ओर से इसे लगाने को लेकर कोई आदेश नहीं मिला है।
वकील ने कहा कि जब वे कहेंगे तभी हाईकोर्ट में उनकी जमानत अर्जी दाखिल करेंगे। जेल में सुविधाएं देने की मांग को लेकर निचली अदालत में गुरुवार से शुरू हुई सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
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शुक्रवार को इस पर फैसला आ सकता है। इधर, जोधपुर पुलिस टीम की ओर से छिंदवाड़ा गुरुकुल की हॉस्टल वार्डन शिल्पी की तलाश और तेजी से शुरू हो गई।
अलग-अलग टीमों ने अहमदाबाद, दिल्ली और छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम और गुरुकुल में छापे मारे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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नाबालिग से दुराचार के मामले में फंसे आसाराम को जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 15 सितम्बर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
आसाराम के गंगाजल, बाहर से खाना और निजी बिस्तर उपयोग करने की मांग को लेकर लगाए गए प्रार्थना पत्र पर अदालत में सुनवाई जारी है।
इसमें आसाराम के वकीन ने बहस के लिए समय की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। आसाराम के वकील अदालत के सामने जेल मैन्यूवल और कानून की स्थिति में आसाराम को राहत देने की गुहार करेंगे।
इधर, शिल्पी की तलाश में उसके सम्भावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। मामले के बाद से ही शिल्पी भूमिगत हैं। पीड़ित नाबालिग लड़की को आसाराम तक पहुंचाने में शिल्पी ने अहम भूमिका निभाई थी।
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वहीं पुलिस को आश्रम के सेवादार शिवा से शिल्पी के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार इस मामले में और सबूत इकट्ठे करने में शिल्पी मददगार साबित हो सकती है।
गहराया सीडी और शिल्पी का रहस्य
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान आसाराम के प्रमुख सेवक शिवा ने सीडी का जिक्र किया है और आसाराम व शिल्पी के बीच के रिश्ते के बारे में भी कुछ चौंका देनेवाले खुलासे भी किए हैं।
हालांकि मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस की ओर से एमजी अस्पताल में लाए गए शिवा ने आसाराम को निर्दोष बताया तथा मीडिया से कहा कि सीडी की कहानी पुलिस की बनाई हुई है और नहीं मालूम कि कौन सी सीडी पुलिस बरामद करना चाहती है।
आशाराम को फंसाया जा रहा है। उसने कहा कि पुलिस सीडी की बात मनवाने के लिए दबाव डाल रही है। उसने कहा कि पीड़िता और शिल्पी को नहीं जानता।
यह भी कहा कि यह पुलिस के द्वारा बनाई गई कहानी है कि उसने शिल्पी के साथ फोन के माध्यम से जुड़कर पीड़िता और परिजनों को आसाराम से मिलवाया था।
उसने कहा कि वह सबूत दे सकता है कि वह घटना के दिन शाम 7 बजे आश्रम छोड़ चुका था। पुलिस सूत्रों ने शिवा की बातें झूठी बताते हुए कहा कि शिवा ने खुद माना है कि आसाराम महिलाओं से एकांत में मिलते थे।
इधर, आसाराम के एक और नजदीगी सेवक प्रकाश को भी तलाश रही है, पीडि़ता को आसाराम ने जब मणई फार्म हाउस स्थित कुटिया के भीतर बुलाया था तो आसाराम के मोबाइल पर आने वाली तमाम फोन कॉल्स प्रकाश ने ही अटेंड किए थे।