पीड़िता के पिता को फंसाने में लगीं 'आसाराम की महिलाएं'
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आसाराम और उसके गुर्गे अब पीड़िता के पिता को महिलाओं के जरिए ही अपनी चाल में फंसाने की कोशिश में लग गए हैं। दो महिलाएं इस काम पर लगाई गई हैं, जो पीड़िता के पिता से संपर्क करके उन्हें अश्लीलता या फिर दुराचार के आरोप में फंसाना चाहती हैं। ऐसा करके आसाराम अपने खिलाफ चल रहे मुकदमों में पिता की पैरवी को कमजोर करना चाहते हैं।
पीड़िता के पिता तीन जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में थे। विपक्षियों को लगा कि वे अगले दिन शाहजहांपुर पहुंच गए हैं। सो चार जुलाई (शुक्रवार) को दो महिलाएं यहां पहुंच गईं। तब तक पिता तो नहीं पहुंचे थे, इसलिए उनकी मुलाकात बेटे से हुई। महिलाओं ने कुछ माल दिल्ली भेजने की बात तो की, साथ ही पिता से मिलवाने को कहा। इस पर बेटे ने बता दिया कि वह तो अभी बाहर है। महिलाएं चली गईं।
इसके बाद शनिवार दोपहर को उन महिलाओं ने बेटे के दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करके कहा कि वे बरेली से दिल्ली माल भिजवाना चाहती हैं। इस पर बेटे और पिता का दिमाग ठनका कि आखिर बरेली से माल यहां के ट्रांसपोर्ट के जरिए भिजवाने का क्या मतलब। पिता का कहना है कि उन्हें ये महिलाएं जाल में फंसाने की कोशिश में हैं। प्रयास यह है कि एक महिला अपने साथ कुछ अनहोनी की बात कहकर रिपोर्ट लिखा दे और दूसरी उसकी गवाह बन जाए।
सेशन कोर्ट में माता-पिता की होगी गवाही
आसाराम पर लगे विभिन्न आरोपों वाले मुकदमे की सुनवाई कर रहे जोधपुर के सेशन कोर्ट में गवाही का क्रम शुरू हो चुका है। पीड़िता की मां की गवाही 15 जुलाई को होगी, जबकि पिता की 17 जुलाई को।
इस सुनवाई पर रोक लगाने की सुप्रीम कोर्ट में आसाराम के वकीलों ने मांग की थी, मगर सुप्रीम कोर्ट तैयार नहीं हुआ।
उधर, 19 अगस्त को जमानत अर्जी पर सुनवाई होना तय हुआ है, जमानत देने से रोकने के लिए पिता जुट गए हैं। उन्होंने शिवा और शिल्पी को दी गई जमानत को भी खत्म करने की अपील कर रखी है, उस पर भी 19 अगस्त को सुनवाई होगी।