फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   asaram filed case in supreme court to stop media trial

आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

Wed, 09 Oct 2013 02:09 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 09 Oct 2013 02:09 AM IST
विज्ञापन
asaram filed case in supreme court to stop media trial

नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किए गए कथावाचक आसाराम बापू ने मीडिया की ओर से उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

विज्ञापन


कथावाचक का दावा है कि उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है जिससे उनके मुकदमे की सुनवाई करने वाली अदालत प्रभावित होगी।

चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम् की अध्यक्षता वाली पीठ ने अतिशीघ्र सुनवाई में पेश किए गए आसाराम के आग्रह पर उन्हें समुचित याचिका दायर करने को कहा और सुनवाई को 21 अक्तूबर के लिए निर्धारित कर दिया।
विज्ञापन


विवादों से घिरे आसाराम के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ के समक्ष कहा कि मीडिया की ओर से मेरे मुवक्किल के खिलाफ चलाए जा रहे ट्रायल पर रोक लगायी जानी चाहिए। अन्यथा अदालत में चलने वाला ट्रायल सही नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता ने कहा कि मीडिया मेरे मुवक्किल को अदालत की ओर से सुनवाई पूरी होने से पहले ही दोषी ठहरा रही है और ऐसे में ट्रायल के सही होने की उम्मीद मेरे मुवक्किल को नहीं है।

अदालत से गुजारिश है कि आसाराम के खिलाफ मीडिया में बदस्तूर जारी गलत खबरों पर रोक लगायी जाए। यह खबरें आसाराम और उनके परिवार के खिलाफ कथित आरोपों को लेकर चलायी जा रही हैं।

अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि आसाराम को इस पर कोई आपत्ति नहीं कि मीडिया कोर्ट की कार्यवाही को सही तरीके से रिपोर्ट करे। लेकिन काल्पनिक खबरों पर अदालत को हर हाल में रोक लगानी चाहिए। जिनमें उनके आश्रमों को वेश्यालय जैसा पेश किया जा रहा है।


अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किलों के इन आश्रमों में दस हजार लड़के और लड़कियां पढ़ते हैं और मीडिया की गलत रिपोर्ट से उन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

याद रहे कि 72 वर्षीय आसाराम को अगस्त में एक नाबालिग लड़की के बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह राजस्थान की जोधपुर स्थित जेल में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed