आसाराम रेप केस: फायरिंग में घायल मुख्य गवाह की मौत
आसाराम दुष्कर्म प्रकरण के गवाह कृपाल सिंह की शनिवार रात साढ़े दस बजे मौत हो गई। आंतों से हो रहे रिसाव रोकने को दोपहर में ऑपरेशन किया गया था लेकिन डॉक्टरों ने तब भी उसकी हालत बेहद नाजुक बताते हुए वेंटिलेटर पर रखा था।
वहीं 24 घंटे बीतने के बावजूद हमलावरों में से कोई भी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। हमलावर के न पकड़े जाने से नाराज परिजनों ने मीडिया के सामने गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में कार्रवाई ही नहीं कर रही है।
इस बीच पुलिस ने शाहजहांपुर में पीड़ित बिटिया के घर की सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही कृपाल सिंह के बहनोई अवनीश सिंह की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हमलावरों की तलाश में पुलिस
आसाराम मामले में मुख्य गवाह कृपाल सिंह को शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे गोली मार दी गई थी, वह उस वक्त बाइक से अपने घर मोहल्ला गदियाना लौट रहे थे। मौके पर पहुंची थाना सदर बाजार पुलिस घायल कृपाल सिंह को जिला अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर कृपाल को बरेली रेफर कर दिया गया।
देर रात घायल को बरेली के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार रात कृपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। इससे पहले डीआईजी आरकेएस राठौर ने दिन में अस्पताल पहुंचकर कृपाल सिंह का हालचाल लिया।
बाद में उन्होंने बताया कि आसाराम मामले में कृपाल सिंह की गवाही दो महीने पहले ही हो चुकी थी। धमकी मिलने की कृपाल सिंह या परिवार के किसी व्यक्ति ने कभी शिकायत नहीं की।
हमलावरों का पता लगाने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। एक टीम जोधपुर, दूसरी बरेली और तीसरी लखनऊ रवाना की गई है। क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। इसके अलावा सर्विलांस से घटनास्थल के आसपास के टॉवर की रेंज और घटनास्थल के आसपास के नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है।
कोमा में पहुंच गया था कृपाल
मिशन अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ द्रोण ने कृपाल सिंह की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वह कोमा जैसी स्थिति में था। वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ ब्लड प्रेशर मेंटेन रखने के लिए हाई डोज दी गई, वहीं यूरिन आउटपुट नहीं मिल रहा था। उसके पेट का ऑपरेशन भी किया गया लेकिन गोली के बारूद की वजह से अंदरूनी हिस्सा अधिक डैमेज होने के कारण हालत नाजुक ही बनी रही।
बिटिया के पिता ने किया कृपाल को धमकियां मिलने का दावा
बिटिया के पिता ने दावा किया है कि दुष्कर्म के आरोप में आसाराम के खिलाफ गवाह बने सत्संगी कृपाल सिंह को बयान होने के बाद से ही धमकियां मिलनी शुरू हो गई थीं। तब उन्होंने (बिटिया के पिता) ने इस बाबत पुलिस को आगाह भी किया था लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।