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फिर विवादों में आसाराम, समर्थकों ने किया मीडिया पर हमला
मुंबई/एजेंसी
Updated Mon, 18 Mar 2013 11:32 PM IST
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खुद को आध्यात्मिक गुरु होने का दावा करने वाले आसाराम बापू एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र में होली पूर्व समारोह में पानी की बर्बादी को लेकर विधानसभा में उनकी आलोचना की गई।
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साथ ही नागपुर नगर निगम ने इस संबंध में उन्हें नोटिस भी भेजा। इस कार्रवाई से गुस्साए उनके समर्थकों ने मीडियाकर्मियों पर पथराव किया और उनके उपकरण तोड़ डाले।
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वहीं, केंद्र सरकार ने 700 एकड़ जमीन हथियाने के एक मामले में आसाराम के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
इस बीच एक सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु गवली ने बांबे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख इस धार्मिक गुरु के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विष्णु गवली ने अपने पत्र में कहा कि पुलिस को आसाराम को होली समारोह मनाने और बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद करने से रोकना चाहिए। चीफ जस्टिस मोहित शाह और जस्टिस एवी मोहता की बेंच ने गवली को इस मामले में जनहित याचिका दायर करने को कहा है।
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आलोचना से नाखुश आसाराम के अनुयायियों ने टीवी चैनलों के रिपोर्टरों पर पथराव किया और उनके वीडियो कैमरे तोड़ डाले। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।
इससे पहले महाराष्ट्र विधान परिषद में कांग्रेस विधायक संजय दत्त ने नागपुर के एक समारोह में जल बर्बाद करने के मुद्दे को उठाया।
उन्होंने कहा, ‘आसाराम बापू ने रविवार को नागपुर के कस्तूरचंद पार्क में लाखों लीटर जल होली मनाते हुए बर्बाद कर डाला। यह पानी उन्हें नागपुर नगर निगम ने मुहैया कराया। यह ऐसे समय हुआ, जब पूरा महाराष्ट्र भीषण सूखे की चपेट में है।’
दूसरी ओर कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को आसाराम बापू और उनके बेटे के खिलाफ 700 एकड़ जमीन हथियाने की शिकायत मिली है। सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) इस मामले की जांच कर रहा है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा, ‘हमें लिखित शिकायत मिली है। हमने तथ्य जुटाने के लिए एसएफआईओ को निर्देश दिया है। फाइनल रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे। कानून सभी के लिए बराबर है।’