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बेल नहीं जेलः आसाराम की अर्जी पर फिर टली सुनवाई
समीर शर्मा। जयपुर
Updated Wed, 18 Sep 2013 07:31 PM IST
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बलात्कार के आरोप में फंसे आसाराम की हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। आसाराम अब 30 सितंबर तक जेल में रहेंगे।
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नाबालिग से दुराचार मामले में फंसे आसाराम को 30 सितम्बर तक जोधपुर सेंट्रल जेल में ही रहना पड़ेगा। जोधपुर हाईकोर्ट से बुधवार को आसाराम के वकील राम जेठमलानी ने और साक्ष्य पेश करने के लिए समय मांगा।
जिसके बाद जोधपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई की अगली तारीख 1 अक्टूबर तय की। हाईकोर्ट में बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से करीब सवा दो घंटे की बहस की गई।
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इधर, आसाराम की जेल में विशेष भोजन एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्स्था को लेकर सुनवाई गुरुवार को होगी। हाईकोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनन्द पुरोहित ने आसाराम को जमानत नहीं देने को लेकर अपनी बहस पूरी की, राम जेठमलानी ने कोर्ट से और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांग लिया।
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अभियोजन पक्ष ने यह कहते हुए विरोध किया कि बेल के मामले में गत सोमवार को बचाव पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है, ऐसे में समय की जरूरत ही नहीं है।
न्यायाधीश ने समय को लेकर सहमति बनाने के लिए दोनों वकीलों को आपस में बात करने के लिए दस मिनट दिए। दोनों पक्षों की सहमति मिलने के बाद अदालत ने सुनवाई की नई तारीख दे दी।
अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलों में कहा कि मामले में पुलिस ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है, यदि ऐसे प्रभावशाली आरोपी को छोड़ दिया गया, तो वह मामले को हर स्तर पर प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है।
इस मामले में पुलिस को भी धमकियां व लालच मिल चुके हैं। पुलिस जांच में पीडि़ता के बयान सही पाए गए हैं। घटना वाले दिन और इससे पहले आसाराम सहित सभी आरोपी सम्पर्क में थे।
जो घटना से पहले की साजिश की ओर इशारा कर रही है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत से कहा कि पीडि़ता की ओर से मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए 164 के बयानों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसके साथ बलात्कार की हद तक दुराचार किया गया था। उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई।