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'रोजगार और कानून व्यवस्था पर ध्यान दें अखिलेश'

Fri, 15 Mar 2013 07:14 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 15 Mar 2013 07:14 PM IST
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as sp govt completes one year in up

उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने आज (15 मार्च को) अपना एक साल पूरा कर लिया।

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एक साल के शासनकाल में जहां मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्या धन, किसानों की ऋण माफी, मुफ्त लैपटॉप वितरण जैसे सराहनीय काम किए।

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बेलगाम गुंडागर्दी और गिरती कानून व्यवस्था उनकी बड़ी नाकामी साबित हुई।

हालांकि कुछ हद तक 15 मार्च 2012 को बदलाव के वाहक के तौर पर सूबे की कमान संभालने वाले विलायत से पढ़े लिखे नौजवान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक साल में चुनावी वादों को हकीकत में बदलने का काम किया है।


जब 'अमर उजाला' ने पाठकों से सरकार के एक साल के कार्यकाल के बारे में जानना चाहा तो मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली।

पाठकों की राय
राज्य में कानून का पालन नहीं हो रहा है। जंगलराज हो गया है। अधिकारी जनता की समस्याओं को नहीं सुनते।
-गिरिजेश कुमार त्रिपाठी

पहला वोट बैंक की राजनीति करने वाला परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला और दूसरा मुख्यमंत्री के साथ दिगभ्रमित नेता।
-मुकेश पंजीयार

अखिलेश जी एक युवा नेता हैं सही है, लेकिन सिर्फ नाम के नेता जैसे रेल का चालक।
-महेश सिंह राजपूत

राज्य में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। राजा भैया जैसे अपराधियों को मंत्री बनाकर रखना बाहुबलियों का राज है।
-रिजवान अहमद

काम तो बहुत किया है पर पूरा नहीं।
-मनीषा वर्मा

रोजगार सेवकों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन अभी पूरा नहीं हुआ।
-आशुतोष श्रीवास्तव

एक नई और अच्छी कोशिश लगे रहो अखिलेश भैया।
-पंकज यादव

जिस राज में डीएसपी सरक्षित नहीं है आम जनता कितनी सुरक्षित होगी। खुद अंदाज लगा सकते हैं। उनको कड़ी मेहनत करनी होगी। वैसे जो उम्मीद उनसे युवा होने के नाते थी। वो कमजोर पड़ रहे हैं। देखते है अगले चार वर्षों में क्या होता है?
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-जहीन कुरेशी

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