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राहुल के आगे बौनी हुई चुनाव समिति
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 11 Nov 2013 05:17 PM IST
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कांग्रेस में सत्ता हस्तांतरण धीरे-धीरे दिखने लगा है। राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों को लेकर टिकट बांटने का काम अब पूरी तरीके से संभाल लिया है।
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उन्होंने अब स्वतंत्र रूप से पार्टी के अंदरूनी कामों में अपना निर्णय देना शुरू कर दिया है। अभी हाल ही में उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया कि राजस्थान में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री पद के अकेले दावेदार हैं।
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राहुल पार्टी से जुड़े सारे मामलों में ध्यान देने लगे हैं, जिसमें सोनिया गांधी केवल 'संचालक की भूमिका' निभा रही हैं। मसलन, सोनिया गांधी के नेतृत्व में चलने वाली पार्टी की सर्वोच्च विभाग, सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (सीईसी), जिसका काम उम्मीदवारों को चुनने का है, अब उन्हीं उम्मीदवारों को चुन रही है जिसको राहुल ने अपनी अनुमति दे दी है।
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इससे पहले तक एक क्षेत्र के लिए दो या तीन उम्मीदवारों पर पूरे दिन भर चर्चा चलने के बाद रात तक एक उम्मीदवार का नाम फाइनल किया जाता था। लेकिन अब यह विभाग बिना किसी मंत्रणा और बहस के उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर दे रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार अब विभिन्न राज्यों से पहले उम्मीदवारों की पूरी जानकारी राहुल के पास पहुंचती है, और वह ही उसका चयन करते हैं।
राजस्थान के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए की जा रही एक बैठक में जब मुकुल वासनिक ने किसी उम्मीदवार को लेकर कुछ बिंदु उठाए तो राहुल ने राजस्थान के इनचार्ज गुरुदास कामत और स्क्रीनिंग कमिटी के चेयरमैन अजय माकन को कहा, आप लोग पूरी तैयारी करके नहीं आए हैं। प्लीज, प्लीज इसको गहरे तरीके से पढिए।
सूत्रों ने बताया कि राहुल कई बार उम्मीदवारों के चयन से पहले उनका बैकग्राउंड जानने के लिए अपने सहयोगियों को फोन करते हैं। उसके बाद वह उन जानकारियों को नोट भी करते हैं।
सीईसी के एक सदस्य ने बताया कि अब इसकी बैठकों में उम्मीदवारों के नाम को फाइनल करना बस खानापूर्ति रह गई है क्योंकि राहुल जी और उनकी टीम स्वतंत्र सर्वे, खुफिया विभाग और कई और सूत्रों से उसके बारे में पता कर चुके होते हैं। मैडम (सोनिया) अब किसी चीज में बीच में नहीं पड़ती और पूरी बैठक के दौरान सभी चीजों को केवल शांति से सुनती रहती हैं।
सूत्रों के अनुसार पार्टी के एससी और अल्पसंख्यक विभाग के चेयरपर्सन की नियुक्ति राहुल जी ने ही की है।