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सलमान ने दी सफाई, अरविंद आज करेंगे नया खुलासा

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 14 Oct 2012 11:33 PM IST
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 Arvind will reveal new facts about salman khurshid today
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दो दिन पहले लंदन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सम्मानित होने वाले केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपने चैरिटेबल ट्रस्ट पर लगे धांधली के आरोपों पर रविवार को सफाई पेश की। करीब दो घंटे चली प्रेस कांफ्रेंस में कभी तो वह कुशल वकील की तरह एक-एक तथ्य का जवाब देते दिखे, तो कभी उन्होंने तीखे सवालों पर आपा भी खोया। जिस टीवी चैनल ने उनके ट्रस्ट को कठघरे में खड़ा करने वाला स्टिंग ऑपरेशन दिखाया, उससे वह खासे नाराज थे।
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वहीं, उन्होंने आते ही स्पष्ट कर दिया कि वह ‘सड़क पर खड़े किसी आदमी’ (अरविंद केजरीवाल) द्वारा किए जा रहे सवालों का जवाब नहीं देंगे। उन्होंने इस्तीफे की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज किया। रविवार सुबह लंदन से लौटने के बाद खुर्शीद ने जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के उन कैंपों के फोटो प्रेस कांफ्रेंस में प्रस्तुत किए जिनके बारे में आरोप है कि वह लगाए ही नहीं गए। खुर्शीद ने अपने क्षेत्र फर्रुखाबाद के रंगी मिस्त्री नाम के उस विकलांग को भी दिल्ली बुला रखा था, जिसने स्टिंग ऑपरेशन में कहा था कि मुझे सुनने की मशीन नहीं मिली।

मिस्त्री ने मीडिया से कहा कि दो साल पहले आयोजित कैंप में उसे सुनने की मशीन मिली थी, लेकिन खराब हो गई थी। स्टिंग ऑपरेशन में उसने मशीन नहीं मिलने की बात इसलिए कही ताकि उसे नई मशीन मिल जाए। गौरतलब है कि एक टीवी न्यूज चैनल ने सलमान और उनकी पत्नी लुइस खुर्शीद के ट्रस्ट संबंधित स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया था कि 2009-10 में यूपी के एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद जैसे 18 जिलों में विकलांगों को तिपहिया साइकिल और सुनने की मशीन बांटे जाने के नाम पर 71 लाख रुपए की गड़बड़ी हुई।

चैनल का आरोप है कि साइकिल और मशीन बांटे जाने के लिए कोई कैंप नहीं आयोजित किए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस योजना के पूरे होने की सरकारी रिपोर्ट फर्जी थी और ट्रस्ट की तरफ से फर्जी हलफनामे भी सरकार को दिए गए। इन आरोपों पर तिलमिलाए खुर्शीद ने अपने तथ्य और कागजी सबूत रखते हुए कहा कि वह कैग सहित किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

उन्होंने दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर की बात स्वीकारी और कहा कि इस आरोप की जांच यूपी राज्य सरकार पहले से ही कर रही है और इसकी पहल उन्होंने खुद की थी। उन्होंने आशंका जताई कि ट्रस्ट के किसी मुलाजिम ने किसी गफलत में वह फर्जी हस्ताक्षर किए होंगे। चूंकि यह बात उन्हें भी नहीं मालूम लिहाजा वह इसकी पहले ही जांच करवा रहे हैं।

खुर्शीद ने कैंप नहीं आयोजित होने की बात को सीधे खारिज करते हुए कहा कि वह उन कैंपों में खुद मौजूद थे। साथ ही राज्य के वरिष्ठ अधिकारी जेपी सिंह ने और 18 जिलों ने जिला मजिस्ट्रेट ने कैंप के आयोजित होने मशीन बांटे जाने की रिपोर्ट भेजी है। चैनल का आरोप है कि जेपी सिंह की ओर से भेजा गया हलफनामा फर्जी है। हालांकि कई सवालों पर सलमान लड़खड़ाए। लेकिन उन्होंने कैंप के फोटो, 71 लाख के काम का पूरा किए जाने की रिपोर्ट और इस योजना का लाभ उठाने वाले गांव वाले को मीडिया के सामने पेश कर तीन दिनों से अपने ऊपर हो रहे हमले का असर कम करने का पूरा प्रयास किया।

अरविंद आज करेंगे नया खुलासा
केजरीवाल ने खुर्शीद की सफाई के बाद देर शाम कहा कि पेश किए गए दस्तावेजों में कई खामियां हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में सोमवार को सुबह 11 बजे नए खुलासे करेंगे।

सलमान ने दिए तर्क
हमारे पास छुपाने को कुछ नहीं है। ट्रस्ट ने विकलांगों के लिए 17 नहीं बल्कि 34 कैंप लगाए। मैं खुद एटा कैंप में गया था। सरकार से भले ही 71 लाख रुपये मिले, लेकिन हमने 77 लाख रुपये खर्च किए। सलमान ने ट्रस्ट के द्वारा किए गए खर्च के 23 प्रमाणपत्र पेश किए। उन्होंने कहा कि कैग ने ट्रस्ट के खातों की कभी जांच नहीं की।

पेश किए सबूत
- सलमान और लुइस ने कैंपों की तस्वीरें दिखाईं। इन्हें सामाजिक न्याय मंत्रालय से प्राप्त भी किया जा सकता है
- मैनपुरी के जिस अफसर के फर्जी दस्तखत हलफनामे पर होने की बात है, वह भी तस्वीरों में हैं
- स्टिंग ऑपरेशन में दिखाए गए विकलांग रंगी मिसरी को सबके सामने पेश किया, जिसने कहा कि उसे सुनने की मशीनें ट्रस्ट के कैंपों में मिलीं

केजरीवाल के पांच सवाल
1- क्या आप सहमत हैं कि ट्रस्ट ने केंद्र से अनुदान पाने के लिए सरकारी अधिकारी के फर्जी पत्र का इस्तेमाल किया?
2- क्या जेबी सिंह का हलफनामा फर्जी था? यह सही है तो आपने वह क्यों पेश किया?
3- उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के विरुद्ध पत्र लिखा था, यह बात सही है या गलत?
4- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार को 12 जून 2012 को लिखे गए पत्र से क्या आप सहमत हैं, जिसमें ट्रस्ट के कैंप न लगने की बात है।
5- आप जिन लोगों की मदद किए जाने का दावा कर रहे हैं, वे यदि मदद पाने की बात से इनकार कर दें तो क्या आप इस्तीफा दे देंगे?

खुर्शीद का एक जवाब
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यहां किसी सड़क पर खड़े आदमी की बातों का जवाब देने नहीं आया हूं। न उसके सवालों के जवाब मैं दूंगा।

केजरीवाल के नए सवाल
- खुर्शीद और लुइस पर हमने आरोप नहीं लगाए। यह आरोप तो अखिलेश यादव की सरकार ने लगाए हैं। वह मामले में जांच कर चुकी है। आगे क्या कर रही है?
- पुन: जांच का आदेश देकर यूपी सरकार सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रही है। क्या दोनों पक्षों (यादव-खुर्शीद) के बीच मामला रफा-दफा करने का समझौतो हो गया है?

झूठे और बेबुनियाद आरोप : लुइस
- कानून मंत्री की पत्नी लुइस खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके ट्रस्ट पर लगाए जा रहे सभी आरोप झूठे और बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं। आप सोचिए कि जिन इलाकों में हम राजनीति करते हैं वहीं के लोगों को लूटेंगे? क्या हम इस तरह हाराकिरी (खुशकुशी) करेंगे? कैग की कोई रिपोर्ट नहीं है। मैंने खुद कैग से बात की है।’

चैनल के चेयरमैन दें इस्तीफा, मैं भी दूंगा
- सलमान खुर्शीद ने कहा कि उनके इस्तीफे के बारे में कांग्रेस पार्टी अथवा सरकार फैसला करेगी। फिर भी अगर आरोप लगाने वाले मीडिया समूह के अध्यक्ष इस्तीफा दें तो वह भी केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देने का तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरोपों की जांच के लिए वह और लुइस तैयार हैं, लेकिन मीडिया समूह के चेयरमैन को भी जांच के दायरे में लाया जाए।

दिल्ली से लंदन तक कोर्ट में घसीटूंगा
- सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मामले में संबंधित चैनल पर मानहानि का दावा ठोक दिया गया है। अभी राज्य और प्रांतीय स्तर पर भी मामले के संबंधित पक्षों पर मुकदमे किए जाएंगे। खुर्शीद के अनुसार जब मामला सामने आया तो वह लंदन में थे, इसलिए लंदन की अदालत में भी मानहानि का मुकदमा करेंगे। वहां भी यह चैनल दिखाया जाता है।

पत्रकार के सवाल पर उखड़े
- खुर्शीद की टीवी चैनल के पत्रकार के साथ खासी गरमा गरमी हुई। पत्रकार ने सलमान से कहा कि वह रिपोर्ट में खड़े सवालों का जवाब नहीं देकर सिर्फ वही बोल रहे हैं जो बोलना चाह रहे हैं। वास्तव में उनके पास सवालों का कोई जवाब है ही नहीं। इस पर सलमान बुरी तरह तिलमिला गए पत्रकार को वहां से चले जाने को कह दिया। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार को नहीं हटाया जाता तो प्रेस कॉन्फ्रेंस यहीं खत्म समझिए।

भाजपा ने भी कहा जांच हो
- वह देश के कानून मंत्री हैं और कानून की मर्यादा बनाए रखने की पहली जिम्मेदारी उन्हीं की है। उन पर धोखाधड़ी के आरोप लगना दुर्भाग्यपूर्ण है। भ्रष्टाचार के इस मामले की पूरी तरह जांच होनी चाहिए।
- रवि शंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्ता
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