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जन आंदोलन पर फिल्म बनवाना चाहते थे केजरीवाल

Tue, 13 Jan 2015 02:32 AM IST
Updated Tue, 13 Jan 2015 02:32 AM IST
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arvind kejriwal want to be make a film on mass movement

अरविंद केजरीवाल की दिली इच्छा थी कि दिल्ली में हुए जन आंदोलन पर फिल्म बनाई जाए। यही नहीं वह चाहते थे कि 2013 के दिल्ली चुनाव से दो महीने पहले इसे रिलीज भी कर दिया जाए। उन्होंने अपनी यह मंशा फिल्म निर्माता-निर्देशक केसी बोकाड़िया के समक्ष रखी थी, लेकिन उन्होंने इस संबंध में अपनी असमर्थता जता दी थी।

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दरअसल 2011-12 में आम आदमी पार्टी (आप) नेता के तेवरों को देखते हुए बोकाड़िया ने उन्हें फिल्म ‘डर्टी पॉलिटिक्स’में अभिनय करने का ऑफर दिया था। मगर केजरीवाल ने यह कहते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था कि वह पार्टी की स्थापना कर चुके हैं और उसे ही पूरा समय देना चाहते हैं।
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वैसे उन्होंने यह जरूर कहा था कि अगर वह उनके जनांदोलन पर फिल्म बनाएं, तो वह हरसंभव मदद करेंगे। उनकी इच्छा थी कि यह फिल्म दिल्ली में 2013 के विधानसभा चुनावों से दो महीने पहले रिलीज हो जाए।
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डर्टी पॉलिटिक्स में काम करने से‌ किया इंकार

arvind kejriwal want to be make a film on mass movement

बोकाड़िया ने ‘अमर उजाला’ से उनके जनांदोलन पर फिल्म बनाने की इच्छा पर कुछ कहने से तो इनकार किया, लेकिन इस बात की पुष्टि की उन्होंने केजरीवाल को ‘डर्टी पॉलिटिक्स’ में काम करने का प्रस्ताव दिया था।

बोकाड़िया के अनुसार, ‘इस संबंध में मैंने उन्हें ई-मेल किया था। मगर केजरीवाल ने यह कह कर इनकार कर दिया कि वह आम आदमी पार्टी के कामों में व्यस्त हैं। फिल्म के लिए समय नहीं निकाल सकेंगे।’

फिल्म ‘डर्टी पॉलिटिक्स’ राजस्थान में 2011-12 में सामने आए भंवरी देवी कांड पर आधारित बताई जा रही है। बोकाड़िया के अनुसार उनकी फिल्म इस घटना से प्रेरित जरूर है, मगर पूरी तरह से इसका फिल्मांकन नहीं करती।

नसीरुद्दीन की जगह अरविंद पहली पसंद

arvind kejriwal want to be make a film on mass movement

‘डर्टी पॉलिटिक्स’में नसीरुद्दीन शाह एक पत्रकार बने हैं। केसी बोकाड़िया चाहते थे कि यह भूमिका अरविंद केजरीवाल अदा करें। उन्होंने बताया, ‘मैं केजरीवाल की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई से प्रभावित था और अपनी फिल्म में उन्हें एक ईमानदार, तेज-तर्रार पत्रकार की भूमिका देना चाहता था।’

नहीं आएगी ‘एक था अरविंद’
पिछले साल चर्चाओं में आई फिल्म ‘एक था अरविंद’ ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। इसे मार्च 2014 में लांच किया गया था। नवीन बत्रा फिल्म का निर्देशन कर रहे थे। फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी की तरफ से दबाव पड़ने के बाद निर्देशक ने फिल्म से कदम पीछे खींच लिए।

केजरीवाल और पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्य नहीं चाहते थे कि यह फिल्म बने। हालांकि बत्रा का कहना है कि उन्होंने जनांदोलन की लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म की योजना बनाई थी, लेकिन जब लगा कि केजरीवाल की लोकप्रियता कम हो रही है तो फिल्म रोक दी गई।

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