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अरविंद केजरीवाल ने चुराया मोदी का आइडिया?

Wed, 19 Feb 2014 11:05 AM IST
Updated Wed, 19 Feb 2014 11:05 AM IST
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arvind kejriwal repeating idea of narendr modi

दिल्ली में धमाकेदार जीत के बाद आम आदमी पार्टी कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाती रही है जनता से जुड़ने के लोकप्रिय नुस्खों की दोनों पार्टिया चोरी करती रही हैं। अब बीजेपी ने जोरदार पलटवार करते हुए आप के आर्थिक दर्शन पर अरविंद केजरीवाल को घेरा है।

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अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर आरोप लगते रहे हैं कि उनकी पार्टी बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना नजरिया स्पष्ट नहीं करती। लोकसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में आम आदमी पार्टी अब अपने राजनीतिक दर्शन को लोगों को सामने रख रही है।
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इसी सिलसिले में केजरीवाल पहली बार सीआईआई की सालाना बैठक में पहुंचे और देश के बड़े उद्योगपतियों के सामने अपने आर्थिक दर्शन का खुलासा किया।

लेकिन इस दौरान केजरीवाल ने आर्थिक नीतियों को लेकर जो रुख अपनाया, उस पर भी उन्हें बीजेपी ने घेर लिया है। बीजेपी का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने मोदी के आइडिया की चोरी की है।

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'दो साल पहले दिया था मोदी ने आइडिया'

arvind kejriwal repeating idea of narendr modi

सीआईआई की बैठक में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार का काम धंधा करना नहीं, देश को ईमानदार शासन देना है। केजरीवाल के इसी आइडिया को बीजेपी ने उनकी पार्टी का चुराया हुआ आइडिया करार दिया।

एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान बीजेपी नेता नलिन कोहली ने 7 जून 2012 के इकोनॉमिक टाइम्स का हवाला देते हुए कहा कि मोदी ने दो साल पहले यही बात कही थी। और अरविंद केजरीवाल मोदी के इसी विजन को अपना आइडिया बताकर पेश कर रहे हैं।

कोहली ने इस मसले पर आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता शाजिया इल्मी से सफाई भी मांगी। इस पर इल्मी ने कटाक्ष करते हुए कोहली को कोर्ट में जाने को कहा।

क्‍या है केजरीवाल का आर्थिक दर्शन

arvind kejriwal repeating idea of narendr modi

औद्योगिक घरानों पर लगातार निशाना साध रहे अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कारोबारियों के बीच आम आदमी पार्टी की आर्थिक नीति पर बात की। इस दौरान सीधे-सपाट शब्दों में केजरीवाल ने कहा कि सरकार का काम धंधा करना नहीं, देश को ईमानदार शासन देना है। उनकी पार्टी न तो निजीकरण के खिलाफ है और न ही पूंजीवाद के।

पार्टी को एतराज गलत तरीके से कारोबार करने पर है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के मंच से केजरीवाल ने कहा कि विकास सरकारें नहीं करतीं, बल्कि कारोबार कर रहे आम लोग करते हैं। सरकार का काम कारोबार करना नहीं है, इसे निजी हाथों में छोड़ देना चाहिए।

लोगों को सुरक्षा, इंसाफ और भ्रष्टाचार मुक्त शासन मुहैया कराने के लिए सरकार को काम करना चाहिए।

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