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केजरीवाल के जनता दरबार में क्या-क्या हुआ?

Sat, 11 Jan 2014 01:52 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 11 Jan 2014 01:52 PM IST
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arvind kejriwal janta darbar at delhi sachivalaya

12 बजेः भीड़ बेकाबू होने के बाद केजरीवाल वहां से चले गए थे। उसके बाद बाहर निकले और जनता को समझाने की कोशिश की। और अब वह सचिवालय की छत पर खड़े होकर लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।

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12.05 बजेः केजरीवाल जनता को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ठेके पर काम करने वाले लोगों की समस्याओं पर एक महीने में कार्रवाई होगी।
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11.35 बजेः
मुख्यमंत्री केजरीवाल फिर बाहर आए और उन्होंने भारी भीड़ से कहा कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा।

11.15 बजेः अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें इतनी ज्यादा भीड़ का अंदाजा नहीं था। भीड़ बेकाबू हो गई। आज हमारा पहला दिन था। जहां मैं बैठा था, वहां शिकायतें लेने के बाद भी लोग नहीं हट रहे थे। इंतजाम में कमी रह गई।
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11.10 बजेः दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि मुझे निकलना पड़ा, क्योंकि लोग मेरी टेबल पर भी चढ़े थे। इंतजाम में कमी थी। भीड़ थी, तो हमें दूसरे तरह से इंतजाम करना पड़ेगा। लोगों को कतार में खड़ा होकर शिकायतें बतानी होंगी। वरना धक्का-मुक्की में गड़बड़ हो सकती है।

11.07 बजेः केजरीवाल ने कहा कि बहुत से ऐसे लोग थे, जो बधाई देने आए थे। हाथ मिलाने आए थे। अगर मैं वहां से नहीं निकलता, तो भगदड़ मच सकती थी। मंत्री अपनी-अपनी टेबल पर बैठे थे। लेकिन लोगों की भीड़ मेरी तरफ ज्यादा थी। मैं सहमत हूं कि सभी लोग मुझसे मिलना चाहते थे। मैं घबराया गया। या तो लोकेशन बदलनी पड़ेगी या तरीका बदलना होगा। अफसरों के साथ बैठकर इस पर चर्चा होगी। सोमवार-मंगलवार को जनता दरबाद नहीं लगेगा।

11.05 बजेः दिल्ली के नए सीएम ने कहा कि दो-तीन दिन रुकेंगे। देखेंगे कि कहां इंतजाम बेहतर रहेगा। इंतजाम में सुधार की जरूरत करनी पड़ेगी। लोगों की उम्मीदें बहुत हैं। मैंने भी गौर किया कि सरकारी कर्मचारी काफी निराश हैं। किसी की पेंशन नहीं मिली, किसी को स्थायी नहीं किया गया। सरकारी कर्मचारी, सरकार से ज्यादा नाराज हैं।

11.02 बजेः
केजरीवाल के मुताबिक 70 फीसदी से ज्यादा दिक्कतें सरकारी कर्मचारियों की थी। दूसरे नंबर पर पानी की समस्या। तीसरी दिक्कत बिजली के बिलों की है। लोगों का कहना है कि बिल गलत भेज दिया, फिर कनेक्शन काट दिया।anta darbar

11 बजेः दिल्ली सचिवालय के बाहर अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे लोग केवल दिल्ली के लिए नहीं हैं। उनके अलावा दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से भी लोग अपनी समस्याएं लेकर आए हैं। उनका कहना है कि अरविंद केजरीवाल उनकी दिक्कतें भी दूर कर सकते हैं।

10.55 बजेः दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने कल ऐलान किया था कि हर शनिवार केजरीवाल और उनकी कैबिनेट सचिवालय के बाहर लगने वाले जनता दरबार में लोगों की दिक्कतें सुनेंगे और समाधान देने की कोशिश करेंगे।

10.50 बजेः
अरविंद केजरीवाल के वहां से जाने के बाद कुछ लोग धरना देकर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या का हल नहीं मिलेगा, वह वहां से नहीं जाएंगे।

10.45 बजेः
दिल्ली सचिवालय के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मी चीजों को संभालने की काफी कोशिश हो रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही। पुलिसकर्मियों को भीड़ को संभालने में काफी दिक्कत हो रही है।

10.40 बजेः
अव्यवस्था का आलम यह है कि लोगों की शिकायत से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज सड़क पर बिखरे पड़े हैं और जो लोग शिकायत करने आए थे, वे अपने-अपने दस्तावेज तलाशने में जुटे हैं।

10.28 बजेः
जनता दरबार में पूरी व्यवस्था चरमरा गई। सचिवालय प्रशासन को कतई अंदाजा नहीं रहा होगा कि वहां इतनी बड़ी तादाद में लोग पहुंच जाएंगे। हालात इतने बिगड़े कि केजरीवाल को वहां से निकलना पड़ा।


10.27 बजेः
बेकाबू भीड़ की वजह इतनी अफरा-तफरी मची कि लोगों के जरूरी दस्तावेज तक गायब हो गए।

10.25 बजेः
भारी भीड़ की वजह से दिल्ली सचिवालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केवल 15 मिनट वहां रुकने के बाद रवाना हो गए।

10.20 बजेः भारी भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ा।

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