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प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के बाद केजरीवाल लोगों की पहली पसंद

Fri, 21 Aug 2015 03:07 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 03:07 PM IST
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Arvind kejriwal has first preference for PM after Namo

देश की जनता अगले प्रधानमंत्री के रूप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को देखना चाहती है। हालांकि, नरेंद्र मोदी आज भी जनता की पहली पसंद बने हुए हैं लेकिन उनकी सरकार पुरानी चमक खो रही है। एक सर्वे में लोगों ने मोदी के विकल्प के तौर पर अरविंद केजरीवाल को ही अपना पहली पसंद बताया।

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हाल ही में इंडिया टुडे ग्रुप-सिसेरो ने एक सर्वे किया है जिसमें 37 फीसदी वोटों के साथ मोदी पहले नंबर पर और 11 फीसदी वोटों के साथ केजरीवाल दूसरी नंबर पर बने हुए हैं। हालांकि, अप्रैल में हुए इसी तरह के सर्वे में मोदी को 36 फीसदी लोग और अरविंद को 15 फीसदी लोग दूसरे प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते थे।
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सर्वे में देश की जनता से मौजूदा सरकार के कामकाज के तरीकों और अन्य कई मुद्दों पर सवाल पूछे गए। इस सर्वे में करीब 57 प्रतिशत लोगों ने मोदी सरकार के काम को बेहतरीन बताया है। हालांकि, अप्रैल महीने में किए गए इसी तरह के सर्वे की तुलना में इन आंकड़ों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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इस सर्वे के मुताबिक अगर अभी चुनाव कराए जाते हैं तो बीजेपी को 243 से 255 सीटें मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी की झोली में 282 सीटें आई थी। सर्वे में एनडीए गठबंधन को भी सीटों का नुकसान होता दिखाई दे रहा है। एनडीए की सीटें 355 से घटकर 288 तक आ गई है।

लमो और व्यापम पर लोग नाराज

Arvind kejriwal has first preference for PM after Namo

सरकार की इस धूमिल होती छवि और सीटों की घटती संख्या के पीछे ललिल मोदी मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की संलिप्तता को माना जा रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में व्यापम घोटाले में घिरे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।

सर्वे के मुताबिक 44 फीसदी लोग यह मानते हैं कि वसुंधरा राजे और सुषमा स्वराज ने ललिल मोदी की मदद करने का निर्णय लिया था वह पूरी तरह से गलत था। लोगों का यह भी मानना है कि मोदी ने अपने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए थे सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार उनको पूरा करने में नाकाम रही है।

करीब 47 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी सरकार अगले 6 महीनों में देश की अर्थव्यवस्था को ज्यादा मजबूती नहीं दे पाएगी। यह आंकड़ा अप्रैल में हुए सर्वे की तुलना में करीब दोगुना ज्यादा है। पिछले सर्वे में केवल 26 प्रतिशत लोग यह मानते थे कि मोदी सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं कर पाएगी।

दुनियाभर में भारत की छवि सुधरी

Arvind kejriwal has first preference for PM after Namo

इसके अलावा मोदी सरकार के भूमि बिल का भी जनता की सोच पर गहरा असर पड़ा है। लोग मानते हैं कि उनका यह बिल पूरी तरह से किसान विरोधी था। हालांकि, मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और जन धन योजना के अंतर्गत करोड़ों गरीब लोगों का बैंक में खाता खुलवाने की योजना का सरकार की लोकप्रियता पर कुछ अनुकुल प्रभाव पड़ा है।

सुरक्षा के मुद्दे पर भी मोदी सरकार से लोग संतुष्ट नजर आए। हालांकि यह पिछले सर्वे के आंकड़ों की तुलना में कुछ कम जरूर हुआ है। करीब 53 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वह सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से खुश हैं। इन सब के बीच मोदी के विदेश दौरे को लेकर भी अहम सवाल किए गए। सर्वे के मुताबिक मोदी के विदेश दौरे से लोग काफी संतुष्ट हैं। उनका मानना है कि इससे भारत की छवि दुनियाभर के देशों में और अच्छी हुई है जो की देश के लिए एक अच्छा संकेत है।

सर्वे में जो आंकड़े सामने आए हैं उससे साफ जाहिर होता है कि मोदी सरकार ने अबतक जो काम किए हैं जनता उससे संतुष्ट है लेकिन मोदी के बाद लोग अगर किसी को भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं तो वह हैं अरविंद केजरीवाल। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मायावती का नंबर इसके बाद ही आता है।

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