फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   arvind kejriwal government one month term

केजरीवाल ने क्या दिया, मुफ्त पानी और 30 घंटे का धरना

Tue, 28 Jan 2014 10:45 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Jan 2014 10:45 AM IST
विज्ञापन
arvind kejriwal government one month term

अरविंद केजरीवाल ने 28 दिसंबर को रामलीला मैदान में दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और कैबिनेट बैठक उसी दिन से शुरू कर दी।

विज्ञापन


पहला फैसला मंत्री, विधायकों और अधिकारियों को सुरक्षा सुरक्षा नहीं लेने और वाहनों से लालबत्ती हटाने का लिया।

शपथ समारोह में पहुंची उत्साहित भीड़ को चमत्कार की उम्मीद थी, लेकिन केजरीवाल घोषणा पत्र में किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं कर पाई है।

शॉर्ट टर्म ‘गोली’ दी

arvind kejriwal government one month term

केजरीवाल सरकार के मुफ्त पानी, बिजली के आधे दाम के आदेश को विपक्ष और लोग शॉर्ट टर्म ‘गोली’ मान रहे हैं।

इस बीच ठेके पर नौकरी करने वालों का समाधान निकालने की समिति गठित हुई, लोकायुक्त कानून और स्वराज कानून ड्राफ्ट पूरा हो चुका है, लेकिन कैबिनेट टेबल तक अभी नहीं पहुंचा।

हालांकि शराब माफिया के बीच जान गंवाने वाले एक पुलिसकर्मी को एक करोड़ रुपए की मुआवजा राशि देकर जरूर इतिहास कायम किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

arvind kejriwal government one month term

केजरीवाल ने घोषणा की थी कि विधायक फंड खत्म करेंगे। फंड खत्म होने और नई प्रक्रिया तय नहीं होने से विधायक विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं।

लोग विकास कार्य या गली बनवाने कहां जाएं, इसे लेकर कुछ समझ नहीं पा रहे हैं। यही नहीं, पुरानी योजना का पैसा नहीं मिलने से ठेकेदारों ने कुछ जगह काम भी रोक दिए हैं।

अनधिकृत कॉलोनियों के नियमन को लेकर भी केजरीवाल की सरकार अभी तक कोई फैसला नहीं कर सकी है। पूर्व सरकार ने जिन कॉलोनियों का नियमन किया था, मामला वहीं अटका हुआ है।

भ्रष्टाचार मिटाने की घोषणा करके टॉप गियर से कुर्सी पर काबिज हुई सरकार अभी तक भ्रष्टाचार के मामलों की जांच शुरू नहीं करा सकी है। स्टिंग ऑपरेशन का मंत्र देने के लिए शुरू हुई कॉल सेंटर भी यूं ही चल रहा है। अभी तक सिर्फ तीन गिरफ्तारियां हुई हैं।

विज्ञापन

धरनों से घिरे धरना ‘किंग’

arvind kejriwal government one month term

आंदोलन, अनशन और धरना किंग अरविंद केजरीवाल एक महीने के कार्यकाल में अपने मंत्री और सरकार के कार्यों की वजह से खुद आंदोलन, धरना और अनशन से घिर गए।

विपक्षी पार्टी भाजपा और कांग्रेस के अलावा डीटीसी कर्मी, अतिथि शिक्षक, डीयू छात्र, विद्युत बोर्ड के अनुकंपा पर नौकरी मांगने वाले कर्मी धरना और भूख हड़ताल के हथियार को अपनी मांग मनवाने के लिए अपना रहे हैं।

दिल्ली सचिवालय के बाहर 13 दिन से अतिथि शिक्षक धरने पर हैं तो पांच ने अनशन भी शुरू कर दिया है।

डीटीसी के अनुबंधित कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी तो दिल्ली विद्युत बोर्ड और बिजली कंपनियों में अनुकंपा पर नौकरी मांगने वालों ने भी अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

'अपनों' ने किया नाक में दम

arvind kejriwal government one month term

भाजपा के विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर कानून मंत्री सोमनाथ भारती को बर्खास्त करने की मांग करते रहे तो बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे।

इससे पहले सरकार में सहयोगी दल विरोध प्रदर्शन कर चुकी है। डीयू में 90 फीसदी स्थानीय छात्र के आरक्षण को लेकर छात्रों ने अनशन शुरू कर दिया है।

विरोध में आंदोलन छेड़ने वाले राजनीतिक दल और संगठनों का कहना है जब अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता आंदोलन करके मांग मनवाने की बात करते थे तो अब इन्हें भी मांग माननी चाहिए।

विवाद और सरकार

arvind kejriwal government one month term

--कांग्रेस की धुर विरोधी पार्टी होने के बावजूद उसके समर्थन से सरकार बनाई।

--रामलीला मैदान में शपथ ली, सामान्य शपथ समारोह से अधिक राशि खर्च और तामझाम का आरोप लगा।

--कानून मंत्री सोमनाथ भारती न्यायाधीशों की बैठक बुलाने को लेकर विवादों में घिरे।

--कानून मंत्री एक पुराने मामले में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में घिरे।

--राखी बिडलान की कार का शीशा गेंद से टूटने पर एफआईआर दर्ज करवाई।

--कुछ पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग को लेकर धरने पर दो दिन बैठे और महज छुट्टी पर भेजे जाने से धरना छोड़ा।

--गृहमंत्री को सीधी ललकार और गणतंत्र दिवस को लेकर टिप्पणी।

--केजरीवाल और सोमनाथ भारती की तरफ से मीडिया पर शब्दबाण फेंके।

--बागी विधायक बिन्नी ने अरविंद केजरीवाल को बताया तानाशाह, पार्टी से निष्कासित। जंतर मंतर पर सरकार के खिलाफ धरना दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed