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एयर चीफ मार्शल ने बताया, कितनी ताकतवर है हमारी वायुसेना

Sun, 04 Oct 2015 01:20 PM IST
Updated Sun, 04 Oct 2015 01:20 PM IST
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arup raha said about the power of airforce

एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने कहा कि भारतीय सेनाएं एलओसी पार पाकिस्तान में चल रहे आतंकी शिविरों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। लेकिन इस बात का निर्णय हमारे राजनैतिक नेतृत्व को लेना है।

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वायु सेना अध्यक्ष राहा जो कि चीफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि चीन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है हमारे पास भी विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त बल हैं और हम भी यहां शक्तिशाली बलों की तैनाती कर रहे हैं।
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यह पूछे जाने पर कि  सुरक्षा बल म्यांमार की तरह पाक में भी एलओसी पार अभियान चला सकते थे, राहा ने कहा कि उनका आशय यह नहीं है। वह यह कहना चाहते हैं कि हमारी सेनाएं ऐसा कर सकती हैं लेकिन क्या करना है इसका निर्णय हमारे राजनैतिक नेतृत्व को ही लेना है।
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इसके साथ ही राहा ने कहा कि सरकार ड्रोनों की अनियमित उड़ानों को नियमित करने पर भी काम कर रही है। राहा आठ अक्तूबर को वायु सेना दिवस के लिए सालाना प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

100 से अधिक राफेल चाहती है वायुसेना

arup raha said about the power of airforce

वायु सेना ने कहा है कि उसे अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 108 राफेल लड़ाकू विमान चाहिए, जिसके लिए कम से कम छह स्क्वाड्रन की जरूरत होगी।

इसके साथ ही उसने उम्मीद जताई है कि फ्रांस से 36 राफेल विमानों के लिए इस साल तक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने कहा कि वायु सेना को मध्यम बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान के लिए कम से कम छह स्क्वाड्रन की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि खरीद की दौड़ में हालांकि राफेल सबसे आगे है लेकिन इसी क्षमता के अन्य विमान पर भी नजर है।  इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीते अप्रैल में फ्रांस दौरे के समय 36 राफेल विमानों के सौदे पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

राहा ने कहा कि वह कह नहीं सकते कि वायु सेना राफेल ही चाहती है, उसके दिमाग में इसी क्षमता के अन्य विमान भी हैं। लेकिन इनमें राफेल सबसे आगे है।

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