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अरुणाचल के मसले को संविधान पीठ के पास भेजा

Fri, 15 Jan 2016 05:31 AM IST
Updated Fri, 15 Jan 2016 05:31 AM IST
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arunachal:SC refers case to Constitution Bench

अरुणाचल प्रदेश में चल रही सियासी उठापटक को लेकर दाखिल याचिकाओं से उठे कुछ संवैधानिक मसलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया है। इस संबंध में गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा पारित कुछ आदेशों के बाद संवैधानिक सवाल सामने आए हैं।

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न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और न्यायमूर्ति सी नग्गपन की पीठ ने कहा कि याचिकाओं में राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अधिकारों को लेकर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में इस मसले को बड़ी पीठ केपास भेजा जाना चाहिए। पीठ केइस सुझाव को अपदस्थ विधानसभा अध्यक्ष नेबाम रेबिया, राज्यपाल और विधानसभा उपाध्यक्ष की ओर से पेश वकीलों ने स्वीकार कर लिया।
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अब यह मामले पर पांच या इससे अधिक जजों की पीठ सुनवाई करेगी। जैसे ही पीठ ने इस मामले को संवैधानिक पीठ केपास भेजना का निर्णय लिया, फली एस नरीमन, कपिल सिब्बल, हरीश साल्वे जैसे वरिष्ठ वकीलों ने चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ से जल्द से जल्द संविधान पीठ का गठन करने की गुहार की।
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अपदस्थ विधानसभा अध्यक्ष को याचिका वापस लेने की इजाजत

arunachal:SC refers case to Constitution Bench

वरिष्ठ वकीलों का कहना था कि यह मसला बहुत संवेदनशील है इसलिए इसका निपटारा जल्द होना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस ने उन सभी को जल्द इस पर निर्णय लेने का भरोसा दिया। मालूम हो कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा सत्र को 18 जनवरी तक न बुलाने का निर्देश दिया था।

शीर्ष अदालत ने अपदस्थ विधानसभा अध्यक्ष नेबाम रेबिया को उस याचिका को वापस लेने की इजाजत दे दी जिसमें उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस केप्रशासनिक आदेश को चुनौती दी थी।

रेबिया का आरोप है कि विधानसभा उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुए ईटानगर के एक सामुदायिक भवन में की विधानसभा सत्र में 14 बागी कांग्रेस विधायकों और भाजपा विधायकों ने उन्हें अयोग्य करार दिया था। इसकेअलावा रेबिया ने राज्यपाल और विधानसभा उपाध्यक्ष केनिर्णयों को भी चुनौती दी।

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