10 POINTS: जेटली ने मीडिया को लेकर कही बड़ी बात
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मीडिया अपनी सीमाओं का पालन खुद करे तो बेहतर होगा। उनका कहना है कि संविधान और सरकार मीडिया की स्वतंत्रता का सम्मान करती है।
नई दिल्ली में जस्टिस जे एस वर्मा मेमोरियल लेक्चर में 'मीडिया की स्वतंत्रता और जवाबदेही' विषय पर जेटली ने मीडिया पर कई सवाल भी खड़े किए।
मीडिया पर जेटली के दस बातें
1. प्रतिबंधों का दौर अब ख़त्म हो चुका है। किसी भी सरकार के लिए सेंसरशिप लगाना संभव नहीं। कैमरे ने खबरों की परिभाषा बदल दी है।
2. मीडिया नागरिकों के लिए आंख और कान है लेकिन टीआरपी की वजह से ख़बरों की कवरेज पर असर पड़ता है।
3. मीडिया की अनियंत्रित रिपोर्टिंग की वजह से ही भारत के विभिन्न हिस्से में रह रहे पूर्वोत्तर छात्रों को अपने गृह राज्य में वापस जाना पड़ा।
4. भारतीय मीडिया अपनी सीमाओं का पालन नहीं करता और मीडिया ट्रायल जरूर ख़त्म होना चाहिए।
5. मीडिया को अदालत में विचाराधीन मुद्दों, किसी आतंकी घटना या किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी से जुड़ी ख़बरों को कवर करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
अब हमें मीडिया की कोई चिंता नहीं
6. मीडिया में अभी एफडीआई बढ़ाने का फैसला नहीं हो पाया है।
7. मीडिया के दूसरे माध्यमों की तुलना में डिजिटल मीडिया ज्यादा असरदार है लेकिन यहां भी तथ्यों की पुष्टि के मानक का संकट है।
8. प्रसारण क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक ने भी अपनी चुनौतियां पेश की हैं और भविष्य में इसके विकास की गति का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
9. मीडिया पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत हुई है। पत्रिकाओं के सामने सबसे ज्यादा चुनौती है। सोशल माध्यम ने मीडिया का स्वरूप बदल दिया है।
10. पहले मीडिया कुछ गलत कहता था तो निराशा होती थी लेकिन अब हम कोई चिंता नहीं करते।