'आर्थिक सुधारों की होगी घोषणा, मिलेगा बहुत कुछ'
आने वाले समय में बैंकिंग क्षेत्र में अहम सुधार की ओर संकेत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा है कि देश इस समय ऐसी स्थिति में नहीं है, जहां सरकार सरकारी बैंकों में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सके।
जेटली ने कहा कि आने वाले दिनों में मै आर्थिक सुधारों की श्रंखला की घोषणा कर सकता हूं। इनमें आपके लिए कुछ होगा। मेक इन इंडिया सप्ताह के दौरान सीएनएन एशिया बिजनेस फोरम 2016 में बोलते हुए जेटली ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि भारत इस स्टेज पर पहुंच गया है जहां सरकार बैकिंग से पूरी तरह से हाथ खींच ले।
उन्होंने आगे कहा कि इन सरकारी बैंकों के परिचालन को पूरी तरह से पेशेवर बनाने के लिए सरकार अपनी हिस्सेदारी घटा कर 51 फीसदी के स्तर पर लाने के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है।
अहम भूमिका निभा रहे हैं सरकारी बैंक
जेटली ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की जरूरत है क्योंकि वे दूर दराज के इलाकों तक अपनी पहुंच के साथ वित्तीय समावेशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम काज को ज्यादा पेशेवर बनाने के लिए इंद्रधनुष कार्यक्रम की घोषणा की थी।
सरकार ने बैंकों के प्रबंधन को पेशेवर बनाने के लिए कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार शून्य हस्तक्षेप और इन बैंकों को पूरी स्वायत्ता देने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे इन संस्थानों को पेवेवर अंदाज में संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पहले हम इस पर गलती कर चुके हैं।