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बजट से पहले वित्त मंत्री ने माना महंगाई बड़ी चुनौती

Wed, 02 Jul 2014 03:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 02 Jul 2014 03:33 PM IST
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Arun Jaitley says mindless populism needs checked

मोदी सरकार के पहले बजट से पहले ही वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कड़े फैसले लेने के संकेत दिए हैं।

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माना जा रहा है उनके बजट में सस्ती लोकप्रियता के बजाय अर्थव्यवस्था की हालत सुधारने पर जोर होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुद्रास्फीति और बढ़ती महंगाई को भारत के लिए बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने साफ कर दिया कि हमें लोक-लुभावन वादों से बचना चाहिए। यानी बजट में वो इससे बचते नजर आ सकते हैं।

बजट में कई बड़े फैसलों की संभावना

Arun Jaitley says mindless populism needs checked

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मंगलवार को कहा, "सरकार इस बजट में बड़े फैसले लेगी और अर्थव्यवस्था को ऊपर ले जाने और राजकोषीय मजबूती के लिए सूझबूझ का रास्ता अपनाएगी।"

वित्त मंत्री अरूण जेटली चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया के एक समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा, "देश कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। आर्थिक वृद्धि दर भी लगातार दो साल तक पांच फीसदी से नीचे बनी हुई है।"

उन्होंने देश के सामने खड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, "राजकोषीय घाटा काफी बढ़ा है, मुद्रास्फीति की दर पिछले साल के मुकाबले कुछ नीचे है लेकिन यह अभी भी तय स्तर से काफी ऊपर है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पर इराक संकट का गहरा असर पड़ रहा है।"

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महंगाई और कमजोर मानसून से चिंता

Arun Jaitley says mindless populism needs checked

वहीं अगर थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति पर नजर डालें तो ये मई में पांच महीने के उच्चतम स्तर 6.01 फीसदी पर पहुंच गई है।

दूसरी ओर इस बार मानसून के कमजोर रहने की भविष्यवाणी भी की जा रही है। जिसका असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है और महंगाई के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

वित्त मंत्री ने कहा, "सरकार कमजोर मानसून और इराक संकट की आशंका के मद्देनजर नजर आ रही सभी चुनौतियों से पार पा लेगी। इसके साथ-साथ हमारे पास खाद्यान्न का काफी भंडार मौजूद है।"

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निवेशकों से उम्मीदें

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इसके साथ-साथ वित्त मंत्री ने देश में निवेश के माहौल पर चर्चा करते हुए कहा, "देश में तीन-चार साल के निराशा के माहौल के बाद उम्मीद बंधी है और अब बड़े फैसले लेना संभव हुआ है।"

इसके साथ ही जेटली ने उम्मीद जताई कि, "अगर हम इस रास्ते पर आगे बढ़ते हैं तो आर्थिक वृद्धि दर आगे बढ़ेगी। जहां जरूरी है वहां विदेशी निवेश की अनुमति दी जानी चाहिए।"

फिलहाल वित्त मंत्री ने अपनी बातों से जता दिया है कि इस बार के बजट का अंदाज कैसा रहेगा। हालांकि अब इंतजार 10 जुलाई का है जब अरूण जेटली मोदी सरकार का पहला बजट पेश करेंगे।

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