आखिर किसके कहने पर टैप हुआ जेटली का फोन?
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भाजपा नेता अरुण जेटली के फोन टैपिंग संबंधी रिपोर्ट की दोबारा जांच होगी। राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन ने बुधवार को कहा कि विशेषाधिकार समिति रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा करेगी।
उच्च सदन के सदस्यों की ओर से पिछले हफ्ते इस मामले को उठाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। विशेषाधिकार समिति की अध्यक्षता उपसभापति पीजे कुरियन करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेषाधिकार समिति तभी मामले की जांच करती है, जब सभापति या सदन के सदस्यों ने मामले को लिया हो। समिति किसी मामले का स्वत: संज्ञान नहीं लेती है।
अगर आनंद शर्मा या सदन के दूसरे सदस्य फोन टैपिंग के दूसरे मामलों की जांच कराना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए पहले नोटिस देना होगा।
क्या जासूसी हो रही थी?
यह मामला 2013 का है। उस वक्त जेटली राज्यसभा में नेता विपक्ष थे। राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को मामले की जांच सौंपी गई थी। समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि इस मामले में किसी भी तरह के विशेषाधिकार का हनन नहीं हुआ है।
इसके बाद पिछले हफ्ते इस मामले की दोबारा जांच की मांग उठी। सदस्यों ने फोन टैपिंग के सभी केस के अध्ययन की बात कही थी।
समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने उच्च सदन में रिपोर्ट की पुन: समीक्षा करने को कहा था। वहीं कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा था कि इस रिपोर्ट को विस्तार दिया जाए। यह पैनल सभी सांसदों के फोन टैपिंग और जासूसी के मामले की जांच करे।