जेटली ने बनाया रिकॉर्ड, विपक्ष हुआ कायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैठकर बजट भाषण देकर कीर्तिमान बनाने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में एक और अनोखा कीर्तिमान बनाया है। दरअसल शुक्रवार को एक घंटे के प्रश्नकाल के दौरान जेटली के अलावा किसी अन्य मंत्री का जवाब देने का नंबर ही नहीं आया।
कीर्तिमान बनाने में जहां जेटली को मिले दो-दो भारी भरकम मंत्रालय काम आए, वहीं इस दौरान वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति ने भी अनोखा कीर्तिमान बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सीतारमण के विदेश दौरे पर होने के कारण जेटली को उनके हिस्से आए प्रश्न का भी जवाब देना पड़ा। जेटली ने इस दौरान पांच मूल प्रश्न के साथ ही 25 पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।
दिल्ली का बजट भी जेटली ने ही पढ़ा और बाद में आम बजट पर हुई चर्चा के जवाब भी उन्होंने ही दिए। इस तरह पूरा दिन उनके नाम रहा।
स्पीकर ने कृष्ण से की तुलना
स्पीकर ने जेटली के इस ‘पराक्रम’ की तुलना कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने से की। उन्होंने कहा कि आज सदन में जेटली ने कृष्ण की तरह अकेले गोवर्धन पर्वत उठाए रखा। प्रश्नकाल के दौरान संतोषजनक जवाब देने के लिए भी जेटली को विपक्षी की ओर से कई बार बधाई मिली।
जेटली शुक्रवार को संयोग से बने कीर्तिमान को सुखद याद के रूप में संजोए रखना चाहेंगे। दरअसल अपने दम पर प्रश्नकाल का पूरा एक घंटा थाम जेटली ने एक अनोखा कीर्तिमान बना डाला है।
शुक्रवार को प्रश्नकाल की सूची में शुरू के पांच मूल सवाल वित्त, रक्षा और वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े थे। इनमें से वित्त और रक्षा मंत्रालय जेटली के पास हैं, जबकि वाणिज्य मंत्रालय का जिम्मा संभाल रही सीतारमण के विदेश में होने के कारण जेटली को इस मंत्रालय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ गई।
विपक्षी दलों ने भी की जेटली की तारीफ
प्रश्नकाल की सूची में छठा सवाल स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ा था, मगर पांच सवाल का जवाब देते-देते प्रश्नकाल के लिए तय एक घंटे का समय बीत चुका था।
खास बात यह रही कि 25 पूरक सवाल के जवाब के दौरान एक भी सदस्य ने जेटली के जवाब से असंतुष्टि जाहिर नहीं की। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय सहित विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने संतोषजनक जवाब देने के लिए कई बार जेटली की तारीफ की।
बहरहाल, प्रश्नकाल खत्म होते ही सदन में बने इस अनोखे कीर्तिमान की जानकारी खुद स्पीकर ने दी। उन्होंने कहा कि यह संभवत: पहला वाकया है जब एक ही मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए।
इस दौरान स्पीकर ने जेटली की तुलना कृष्ण से की और कहा कि जैसे कृष्ण ने अपने दम पर गोवर्धन पर्वत थामे रखा था, वैसे ही जेटली ने पूरा प्रश्नकाल अपने दम पर थाम लिया।