पीएम मोदी को मनमोहन की नसीहत पर जेटली का पलटवार
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जरिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई नसीहत सरकार को रास नहीं आई है। सरकार की ओर से पूर्व पीएम पर हमले की कमान संभालते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि मनमोहन को पहले अपनी पार्टी को सलाह देनी चाहिए। जेटली ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि पूर्व पीएम बहुत कम ही बोलते हैं।
लेकिन जब बोलते हैं तो पूरा मुल्क उन्हें सुनता है, ध्यान देता है। उनसे उम्मीद की जाती है कि वे पक्षपाती होकर अपनी राय नहीं रखेंगे। रचनात्मक सलाह देंगे और देशहित में अपनी पार्टी तक को पावरफुल मैसेज देंगे।
दरअसल मनमोहन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि केंद्र सरकार के रवैये की वजह से जनता का भरोसा हटा है। सरकार की हालत देखकर लगता है कि उसमें आत्मविश्वास की कमी है और पीएम मोदी को समझना चाहिए कि वह पूरे भारत देश के पीएम हैं। अब पूर्व पीएम पर पलटवार करते हुए जेटली ने उल्टे मनमोहन सिंह को नसीहत दिया है कि उन्हें क्या करना चाहिए।
'अपनी पार्टी को सलाह दें मनमोहन'
वित्त मंत्री ने कहा है कि मुझे पूरा भरोसा है कि मनमोहन अगर मौजूदा सरकार का निष्पक्ष विश्लेषण करें तो उन्हें लगेगा कि भारत में ऐसी सरकार है, जहां पीएम का शब्द अंतिम फैसला होता है। प्राकृतिक संसाधन पारदर्शी प्रक्र्तिया से आवंटित किए जाते हैं। उद्योगपति अपनी फाइलें बढ़वाने के लिए नॉर्थ ब्लॉक के चक्कर नहीं लगाते।
पर्यावरण क्लीयरेंस अटकते नहीं हैं। जेटली ने कहा है कि यूपीए शासन के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपने बोर्ड या नॉर्थ ब्लॉक तक से भी बमुश्किल ही चल पाते थे। वे 24, अकबर रोड (कांग्रेस मुख्यालय) से चलते थे।
उन्होंने कहा है कि जहां तक विपक्ष से राय न लेने की बात है तो कांग्रेस को छोड़कर तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियां जीएसटी के समर्थन में हैं। कांग्रेस ने पलटी मार ली है। अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को अपनी पार्टी को सलाह देनी चाहिए।