'मनमाने न हों फिल्म प्रमाणन के नियम'
सेंसर बोर्ड के दिशानिर्देशों की समकालीन व्याख्या की जानी चाहिए और फिल्म प्रमाणन के नियम जितने संभव हो सके निष्पक्ष बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म प्रमाणन में मनमाना रवैया नहीं दिखना चाहिए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसार मंत्री अरुण जेटली ने यह विचार सेंसर बोर्ड में जरूरी बदलाव सुझाने के लिए बनाई गई श्याम बेनेगल समिति के सामने रखे।
सेंसर बोर्ड में बदलाव सुझाने के लिए बनी श्याम बेनेगल समिति ने शनिवार को सूचना एवं प्रसार मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। इस दौरान सेंसर बोर्ड की नीतियों में संभावित बदलावों को लेकर चर्चा की गई। जेटली ने कहा कि फिल्म को क्लियरेंस देने के समय बोर्ड को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्वतंत्रता सृजनशीलता और कला की अनदेखी न हो।
इस बैठक में जेटली के अलावा सूचना एवं प्रसार राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर भी मौजूद थे। राठौर ने भरोसा जताया कि समिति सिनेमेटोग्राफ एक्ट और नियम में बदलाव के लिए बेहतर प्रारूप पेश करेगी। इस मौके पर श्याम बेनेगल ने कहा कि फिल्मों की ग्रेडिंग के मामले में बदलाव की जरूरत है।
समिति के कामकाज को लेकर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड के दिशानिर्देशों में बदलाव व संशोधन किया जा
सकता है। सरकार ने सेंसर बोर्ड में बदलाव की मांग को देखते हुए एक जनवरी
को इस समिति का गठन किया था। सेंसर बोर्ड में बदलाव सुझाने के लिए बनी
श्याम बेनेगल समिति ने शनिवार को सूचना एवं प्रसार मंत्री अरुण जेटली से
मुलाकात की।
इस दौरान सेंसर बोर्ड की नीतियों में संभावित बदलावों को लेकर
चर्चा की गई। श्याम बेनेगल ने बताया कि शनिवार को हुई बैठक में समिति के
कामकाज को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा किसी फिल्म को क्लियरेंस देने के
लिए सेंसर बोर्ड की नीति और दिशानिर्देश क्या होने चाहिए, इस पर भी बात की
गई।
उन्होंने कहा कि बोर्ड की वर्तमान नीति और दिशानिर्देश में जरूरी बदलाव
किए जा सकते हैं। इस बैठक में जेटली के अलावा सूचना एवं प्रसार
राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर भी मौजूद थे। यह समिति दो महीनों के
भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार ने सेंसर बोर्ड में बदलाव की
मांग को देखते हुए एक जनवरी को इस समिति का गठन किया था। इसमें फिल्ममेकर
राकेश ओमप्रकाश मेहरा, एड गुरु पीयूष पांडे और फिल्म समीक्षक भावना सोमाया
समेत अन्य शामिल हैं।