पीएम के मूवमेंट से एयरपोर्ट पर फंसे रहे 500 यात्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में वीवीआईपी कल्चर के कारण अक्सर आम जनता को कुछ न कुछ तकलीफ का सामना करना पड़ता है। जब बात पीएम के मूवमेंट की हो तो बात ही कुछ और है।
ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा के लिए रवाना हुए। सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाकर्मियों ने न केवल यात्रियों का मूवमेंट हवाईअड्डे पर रोक दिया बल्कि जो लोग जहाजों पर सवार हो गए थे उनके जहाजों की उड़ान पर रोक लगा दी।
ऐसे करीब चार विमान थे जो यात्रियों को लेकर उड़ने की तैयारी में थे,लेकिन उन्हें एक घंटे तक रोक दिया गया। इसमें सवार दर्जनों यात्रियों जिनमें बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे को असुविधा हुई।
मंत्रियों के कारण हुई देरी
सिविल एविएशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने मामले का ठीकड़ा एटीसी,जहाज के मैनेजमेंट और पीएम के सुरक्षाकर्मियों पर फोड़ते हुए इनमें तालमेल की कमी को बताया।
उन्होंने कहा जब भी किसी एयरपोर्ट पर वीवीआईपी मूवमेंट होती है उससे पूर्व ही सभी को जानकारी दे दी जाती है। आमतौर पर देसी विमान कंपनियों के विमानों और वीवीआईपी जहाज के उड़ान भरने में 20 मिनट की दूरी रखी जाती है और अगर इससे ज्यादा देरी होती है तो इसे हर जगह दर्ज किया जाता है।
यह मामला तो लापरवाही का प्रतीत होता है। वहीं अमेरिका में रनवे को केवल 15 मिनट के लिए बंद किया जाता है,वो भी अगर वीवीआईपी राष्ट्रपति ओबामा हों।
अगर भारत की बात करें तो कुछ समय से कई माननीयों पर जहाजों को देर कराने का तमगा लग चुका है जिनमें केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू,जम्मू और कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह जैसे दिग्गज शामिल हैं। हालांकि दोनों ने इन आरोपों से इंकार किया है।