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ट्रेन हादसा: साहब हम तो बच गए, न जाने कितने बह गए

Thu, 06 Aug 2015 08:44 AM IST
Updated Thu, 06 Aug 2015 08:44 AM IST
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Around 100 died in train accident claims passenger

मध्य प्रदेश के हरदा में हुए रेल हादसे में कुछ ने अपनी जान गंवाई और जो बच गए वह उस मंजर को याद सिहर उठते हैं। मंगलवार रात करीब 11.30 बजे का समय था। मध्य प्रदेश में हरदा के पास का मांदला गांव से वाराणसी आ रही कामायनी एक्सप्रेस थ्रू पास हुई।

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आगे काली माचक नदी पर बनी पुलिया पर जैसे ही ट्रेन पहुंची। अचानक तेज धमाके के साथ ट्रेन में नींद की आगोश में खो चुके यात्रियों को जोर का झटका लगा। तमाम यात्री इधर-उधर गिर पड़े। कोई संभल पाता, उससे पहले ही बोगी में तेजी से पानी घुसने लगा। हर तरफ चीख-पुकार मच गई।
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किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। जिन लोगों ने बाहर निकलने का प्रयास किया उसमें से तमाम लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। ट्रेन के एस-5 कोच में सवार शकील अहमद किसी तरह गेट के सहारे बोगी के ऊपर चढ़ गए। देखा तो चारों तरफ सिर्फ पानी और अंधेरा। बाहर आकर उन्होंने ऊपर वाले का जान बचाने के शुक्रिया अदा किया।
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इलाहाबाद पहुंचने पर इनमें से तमाम यात्रियों ने कहा कि साहब ऊपर वाले की कृपा से हम तो बच गए, लेकिन न जाने कितने पानी में बह गए।

कम से कम सौ लोगों की मौत हुई

Around 100 died in train accident claims passenger

हादसे के तकरीबन 21 घंटे बाद बुधवार की रात 8.30 बजे कामायनी एक्सप्रेस इलाहाबाद जंक्शन पहुंची तो उसमें सवार तमाम यात्रियों के चेहरे में मंगलवार की रात वाली घटना का खौफ था। ज्यादातर यात्री डरे और सहमे हुए थे।

सभी को अपने घर पहुंचने की जल्दी थी। ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि हादसे वाली जगह पर बहुत अंधेरा था। कुछ पता ही नहीं चल रहा था कि हम कहां हैं। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। अपनों का नाम लेकर आवाज लगाई जा रही थी। हर आदमी बेबस था। तेज पानी का बहाव किसी को भी ट्रेन से बाहर निकलने ही नहीं दे रहा था।

जिसने भी जल्दबाजी दिखाई, वह पानी के तेज बहाव के साथ कहां चला गया, इसके बारे में कुछ भी पता नहीं। ट्रेन के एस-5 कोच में सवार भदोही जिले के शकील अहमद ने बताया कि हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड काफी थी। तेज झटका लगा तो मैं छिटककर काफी दूर गिर गया। बोगी पानी में गिरी थी, इस वजह से उसमें तेजी से पानी भरने लगा। बहुत से लोग पानी में डूब गए तो कुछ बह भी गए। किसी तरह से सीट पकड़कर गेट के पास आया। इसके बाद ट्रेन में सवार कुछ बहादुर युवाओं की टोली सामने आई।

उन युवकों ने एक-एक करके यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। एस-7 कोच में सवार मुकुट नारायण सिंह ने बताया कि हमारा कोच पानी में डूब चुका था। महिलाओं की दो साड़ियों को बांधा गया। इस आपाधापी में तीन आदमी मेरे सामने ही बह गए। ट्रेन में सवार ज्यादातर यात्रियों का यही कहना है कि इस हादसे में कम से कम सौ लोगों की मौत जरूर हुई होगी, पानी में बहने वाले लोगों की संख्या भी ज्यादा है।

बिजली के पोल ने बचा लिया एस-थ्री कोच

Around 100 died in train accident claims passenger

कामायनी एक्सप्रेस के एस-थ्री कोच में सवार यात्रियों के लिए बिजली का पोल बड़ी राहत लेकर आया। हादसे के बाद ट्रेन का एस थ्री कोच पलटने से बच गया और बिजली के पोल से जाकर टिक गया।

इस कोच में सवार आनंद दुबे नाम के यात्री ने बताया कि पोल से कोच टिक जाने के बाद हम सभी यात्री एक-एक करके नीचे उतरे। इस दौरान मालूम पड़ा कि एस-4, एस-5, एस-6 एवं एस-7 कोच पानी में पूरी तरह से डूब चुके हैं।

इसी कोच में सवार मुर्तजा ने बताया कि हमारे सामने न जाने कितने लोग जान बचाने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पानी का तेज बहाव देखकर किसी की भी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। बाद में पानी का दबाव थोड़ा कम हुआ तो कुछ युवाओं ने इस कोच में फंसे लोगों को निकालने में मदद की।

जनता एक्सप्रेस के यात्रियों को ज्यादा हुआ नुकसान

Around 100 died in train accident claims passenger

इलाहाबाद पहुंचने पर कामायनी एक्सप्रेस के यात्रियों ने बताया कि हादसे के वक्त दूसरे ट्रैक पर मुंबई जनता एक्सप्रेस थी। उसके भी कुछ कोच पानी में गिर गए। मुंबई जनता की वजह से कामायनी के यात्रियों को नुकसान थोड़ा कम हुआ।

मुंबई जनता के जनरल कोच में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले गोटेगांव तहसील के एक ही गांव के नौ लोगों की मौत हो गई। कामायनी के यात्रियों ने बताया कि देर रात जब बचाव टीम पहुंची तो इसी बात की चर्चा थी कि मुंबई जनता के काफी यात्री हादसे में मारे गए।

भोपाल पहुंचने के बाद हम लोगों को जानकारी मिली कि उसके जनरल कोच में बैठे नौ यात्री एक ही गांव के थे, जिनकी मौत हो गई। इसके अलावा दो अन्य यात्री भी मारे गए जो इसी ट्रेन के जनरल कोच में सवार थे।


बोगी के ऊपर गुजारी रात

Around 100 died in train accident claims passenger

रात का समय होने के नाते अधिकतर यात्री नींद में थे। अचानक तेज धमाके के साथ जोर का झटका लगा। यात्री इधर-उधर गिर पड़े। कोई संभल पाता, उससे पहले ही बोगी में तेजी से पानी घुसने लगा।

हर तरफ चीख-पुकार मच गई। कोई किसी की मदद कर पाने की स्थिति में नहीं था। झटका खाकर दूर जा गिरे भदोही निवासी मोहम्मद अनवर शेख किसी तरह गेट के सहारे बोगी के ऊपर चढ़ गए।

देखा तो चारों तरफ सिर्फ पानी और अंधेरा। उनके हाथ-पैर थर-थर कांप रहे थे। मोबाइल पर बातचीत में अनवर हादसे का खौफनाक मंजर बयां करते सिहर उठे। बताया कि एकबारगी उन्होंने जिंदगी की उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन अल्लाह का शुक्र है, जान बच गई।

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