'अदृश्य दुश्मनों से निपटने को तैयार रहे सेना'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को भविष्य के वैसे हालात की तैयारी करने को कहा है जहां खतरे की भविष्यवाणी मुश्किल होगी और दुश्मन भी अदृश्य होगा।
एक सधे हुए युद्ध रणनीतिकार की तर्ज पर पीएम मोदी ने तेजी से बदल रही दुनिया के प्रति सेना को आगाह किया है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस को पहली बार संबोधित करते हुए कहा कि अब भारत को जल, थल और आकाश की तरह साइबर और अंतरिक्ष में भी वर्चस्व स्थापित करना जरूरी है।
सालाना कमांडर कांफ्रेंस में रक्षा मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी में पीएम ने तीनों सेनाओं को भावी चुनौतियों से रूबरू कराया।
दो देशों के बीच पंरपरागत युद्घ की संभावना कम
प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत को ताजा खतरों से जूझने के साथ भविष्य का सामना भी करना है जहां सुरक्षा की चुनौती को भांपना आसान नहीं होगा।
तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव का हमारी प्रतिक्रिया से तारतम्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुश्मन और उसके खतरे की भविष्यवाणी करना मुश्किल काम साबित होने जा रहा है।
मोदी ने सुरक्षा के प्रति अपनी दूरदर्शिता दिखाते हुए कहा कि अब दो देशों के बीच परंपरागत युद्ध की संभावना कम है लेकिन सेना की मजबूती दुनिया में वर्चस्व कायम करने और प्रभाव बनाए रखने के लिए जरूरी है।
मोदी ने सेना की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना हर मौके पर देश की उम्मीदों और विश्वास पर खड़ी उतरी है।