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मेरठ में होता है सेना की वर्दी का करोड़ों का कारोबार

Sun, 10 Jan 2016 04:48 AM IST
Updated Sun, 10 Jan 2016 04:48 AM IST
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army uniform selling in meerut

देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनियों में शुमार मेरठ छावनी में सेना की वर्दी खुलेआम खरीद सकते हैं। यहां सदर बाजार घंटाघर, तोपखाना समेत पीएसी के सामने दर्जनों दुकानें हैं, जहां सेना और पुलिस की वर्दी का पूरा सामान बेचा जाता है।

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मेरठ में छोटी-बड़ी करीब 30 दुकानें और कुछ सप्लायर हैं। जिनका सालाना 20 से 22 करोड़ का कारोबार है। खुले में बेची जाने वाले सेना की वर्दी मेरठ छावनी के लिए बड़ी खतरा है।
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क्योंकि पश्चिमी यूपी सब एरिया मुख्यालय के अलावा यहां वेस्टर्न कमान की दो ऑपरेशनल विंग का मुख्यालय भी है। मेरठ में ही आरवीसी सेंटर है। हालांकि दुकानदार कहते हैं कि उनसे तो सैनिक ही वर्दी खरीदते हैं सिविलयन नहीं।

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सिविल लोगों के सैन्य वर्दी पहनने पर रोक

army uniform selling in meerut

दुकानदार कहते हैं कि नए नियमों पर वे आर्मी के जवान का आईकार्ड देखकर उसे वर्दी बेचना शुरू कर देंगे। युवा भी आर्मी सरीखी पेंट और जैकेट पहनते हैं। दूसरी तरफ कॉलेजों में स्टूडेंट भी आर्मी जैकेट या लोअर खूब पहनते हैं।

पठानकोट हमले के बाद सेना ने एडवाइजरी जारी की है कि सिविल के लोगों पर सैन्य वर्दी पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। मेरठ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनके सिंह कहते हैं कि प्रोक्टीरियल बोर्ड के माध्यम से इसका पूरा पालन कराया जाएगा।

पैंथर सिक्योरिटी एजेंसी डायरेक्टर अनुज मलिक कहते हैं कि यह सही है कि सेना की वर्दी का इस्तेमाल किसी भी सिक्योरिटी एजेंसी को नहीं करना चाहिए। अपना ड्रेस कोड लागू करना चाहिए।

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