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सेना को मिला युद्धक हेलीकॉप्टरों का नियंत्रण

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sat, 13 Oct 2012 10:19 AM IST
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army to get possesion on combat helicopters
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वायुसेना के विरोध को नजरअंदाज करते हुए केंद्र सरकार ने युद्धक हेलीकॉप्टरों का नियंत्रण सेना को देने का फैसला किया है। सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने भी इस बारे में रक्षा मंत्रालय से पत्र मिलने की पुष्टि की है। रक्षा मंत्रालय ने यह भी निर्णय लिया है कि भविष्य में सभी युद्धक हेलीकॉप्टर सेना के लिए बनाए जाएंगे जबकि वायुसेना के पास एमआई 35 युद्धक हेलीकॉप्टरों की स्क्वॉड्रन के साथ ही जल्द ही शामिल किए जाने वाले 22 अपाचे हेलीकॉप्टर बरकरार रहेंगे।
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सेना युद्धक और मीडियम लिफ्ट वाले हेलीकॉप्टरों पर नियंत्रण की मांग यह कहते हुए कर रही थी कि इनका ज्यादातर इस्तेमाल उसके अभियानों में किया जाता है। वहीं दूसरी ओर वायुसेना इस मांग का जोरदार विरोध कर रही थी। रक्षा मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि भविष्य में सभी युद्धक हेलीकॉप्टर सेना में शामिल किए जाएंगे, जबकि मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर वायुसेना के पास बने रहेंगे, जिनकी ऑपरेशनल प्राथमिकताओं की समीक्षा की जाएगी।

देश की दो सेनाओं के बीच मतभेद को सुलझाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की मदद ली गई। उन्होंने सेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख से अलग-अलग मुलाकात की और अपनी सिफारिश रक्षा मंत्री एके एंटनी को भेज दी, जिसे दस अक्टूबर को उन्होंने स्वीकार कर लिया। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना को एमआई 17 समेत मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टरों को उसके नियंत्रण में ही रखने की अनुमति दी है।

दोनों सेनाओं के बीच मतभेद उस वक्त खुलकर सामने आ गए थे जब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा था कि देश छोटी-छोटी वायु सेनाएं रखने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि एक दिन तटरक्षक बल पनडुब्बी की मांग करने लगेगा तो तब क्या होगा। हालांकि रक्षा मंत्री एंटनी ने इसे पारिवारिक समस्या बताते हुए कहा था कि इसका जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।
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