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अभी तक नहीं मिला एक सैनिक का सिरः सेना
नई दिल्ली/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 09 Jan 2013 11:49 PM IST
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नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना के बर्बरता के शिकार हुए दो भारतीय सैनिकों में से एक सैनिक का सिर अभी तक नहीं मिल पाया है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि दोनों सैनिकों के शव क्षत-विक्षत हालत में थे। एक का सिर कलम किया हुआ था जबकि दूसरे (सुधाकर सिंह) का सिर वहां नहीं था। शायद पाकिस्तानी सैनिक उसे अपने साथ ले गए हैं।
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मेंढर सेक्टर में पाक सेना के हमले में शहीद हुए लांस नायक हेमराज (शेरनगर जिला मथुरा उत्तर प्रदेश) और लांस नायक सुधाकर सिंह (सिद्धि, जिला दतिया मध्य प्रदेश) का राजोरी आर्मी हास्पिटल में पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव बुधवार को विमान तल पर पहुंचा तो वहां मौजूद सेना के अफसरों और जवानों की आंखें नम हो गईं। इनमें से एक शहीद सुधाकर सिंह का शव सिरविहीन था।
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यहां सैन्य विमान तल पर 25 इंफेंट्री ब्रिगेड के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर जेके तिवारी व अन्य ने शहीदों के श्रद्धासुमन अर्पित किए और सलामी दी गई। डिप्टी जीओसी ने कहा कि पाक सैनिकों ने शवों के साथ नृशंसता करते समय बाकी के जवानों को फायरिंग से व्यस्त रखा। करीब चार से पांच मिनट तक उस पार से फायरिंग होती रही।
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इसी दौरान पाक सैनिकों ने एक जवान का सिर काट लिया और दूसरे के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था। इस दौरान शवों को उनके पैतृक गांव लेकर निकल रहे जवान यह सोचकर दुखित थे कि जब शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह के परिजन अपने लाड़ले का मुंह दिखाने की बात करेंगे तो वे मुंह कहां से दिखाएंगे। इस खयाल भर से सेना के अफसरों और जवानों की आंखें भर आईं।
किसी इंसान की मौत होती है तो उसके परिजन और अन्य लोग मुंह देखकर उसका अंतिम बार दर्शन करते हैं। जवानों में एक तरफ गुस्सा था तो दूसरी तरफ उनका दिल रो रहा था। डिप्टी जीओसी तक की आंखों में भी बात करते-करते आंसू आ गए। इसके बाद शहीदों के शवों को पूरे सैनिक सम्मान के साथ वायुसेना के हेलीकॉप्टर से उनके गृहनगर आगरा और जबलपुर एअरफोर्स स्टेशन भेज दिया गया।