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हार्दिक इफेक्ट: अहमदाबाद में 13 साल बाद कर्फ्यू, कई शहरों में हिंसा

Wed, 26 Aug 2015 12:40 PM IST
Updated Wed, 26 Aug 2015 12:40 PM IST
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Army deployed in Ahmedabad after 13 years

गुजरात में पटेल (पाटीदार) समुदाय को आरक्षण देने की मांग कर रहे हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसक घटनाओं के बीच गुजरात के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

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इस बीच सरकार ने हिंसक समर्थकों को काबू करने के लिए हार्दिक पटेल को रिहा कर दिया है,हालांकि हार्दिक ने आंदोलन जारी रखते हुए गुजरात बंद बुलाया है।

वहीं दूसरी ओर अहमदाबाद में हुई हिंसक घटनाओं के बाद नौ थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और शहर में 13 साल बाद सेना को बुलाया गया है।

सरकार ने अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा भी बाधित कर दी। गौरतलब है कि आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन मंगलवार रात को हिंसक हो गया। पुलिस द्वारा अपने नेता हार्दिक पटेल को हिरासत में लिए जाने से गुस्साए समर्थकों ने अहमदाबाद, जूनागढ़, सूरत, वलसाड, राजकोट और मेहसाणा समेत कई शहरों में वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की।
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आरक्षण समर्थकों ने राज्य की गृह राज्यमंत्री रजनीकांत पटेल के आवास पर पथराव किया और आगजनी की। अहमदाबाद, सूरत और मेहसाणा में उग्र हिंसक वारदातों के चलते कर्फ्यू लगा दिया गया। उग्र समर्थकों ने पुलिस वाहनों को कई जगह फूंक दिया।
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स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

हार्दिक और सीएम ने की शांति की अपील

Army deployed in Ahmedabad after 13 years

प्रदेश भर में बढ़ते बवाल और हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री और हार्दिक ने शांति बनाए रखने की अपील की है। हार्दिक को अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर रैली के बाद बिना इजाजत धरना देने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

हार्दिक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है। इस बीच आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर खेद जताते हुए मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने लोगों से शांति बनाए रखने और हिंसा का हिस्सा नहीं बनने की अपील की है।

इससे पहले दिन में पटेल समुदाय ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए ‘महाक्रांति रैली’ आयोजित कर ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की आवाज बुलंद की। जीएमडीसी ग्राउंड में पटेल समुदाय ने राज्य की भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि यदि उन्हें आरक्षण नहीं दिया गया तो सरकार को 2017 के चुनाव में इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

पटेल समुदाय के युवा नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि 2017 (राज्य विधानसभा चुनाव) आ रहा है... कीचड़ में कमल नहीं खिलेगा, कभी नहीं खिलेगा।

दूसरी ओर राज्य सरकार ने हार्दिक पटेल व तीन अन्य लोगों की भूख हड़ताल खत्म करने की शर्त को ठुकरा दिया था। रैली के बाद पटेल ने कहा था कि वह तब तक भूख हड़ताल पर बैठेंगे जब तक मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल खुद उनसे ज्ञापन लेने नहीं आ जातीं।

इस बीच शहर के विभिन्न हिस्सों में रैली के लिए घोषित बंद को लागू कराने को लेकर पटेल समुदाय व अन्य लोगों के बीच हिंसा और झड़पें भी हुईं।

कौन हैं हार्दिक पटेल

Army deployed in Ahmedabad after 13 years

•हार्दिक की उम्र 22 वर्ष है, पिता लम्बे समय से गुजरात भाजपा से जुड़े हैं

•अहमदाबाद से 80 किमी दूर चंद्रनगर गांव का यह युवा बी कॉम पास है

•मात्र 17 साल की उम्र में कॉलेज में पाटीदार अनामत संगठन खड़ा किया

•वर्ष 2011 में सेवादल से अलग हुए और सरदार पटेल सेवादल शुरू किया

इसलिए डरी है भाजपा सरकार

•भाजपा के सामने पटेलों के संगठित होने से गुजरात में जमीन खिसकने का डर

•पार्टी को यह भी डर है कि यह आंदोलन गुजरात के बाहर भी जा सकता है

•गुजरात में आगामी निकाय चुनावों के दौरान भाजपा को कड़ी टक्कर का डर

•राजस्थान के गुर्जर समुदाय के लोगों का हार्दिक के आंदोलन से जुड़ने का डर

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