यूपी: जमीन कब्जाने को बरपाया कहर, मारपीट, आगजनी
वाराणसी में लोहता के अयोध्यापुर (वीरसिंहपुर) में बंजर भूमि खाली कराने का विरोध करने पर 22 हथियारबंद लोगों ने गुरुवार दोपहर मुसहरों को दौड़ाकर पीटा और उनकी पांच झोपड़ियां जला दीं। इस दौरान दोनों पक्षों में पथराव भी हुआ जिसमें नौ मुसहर घायल हो गए। लाठी-डंडे से लैस मुसहरों ने कब्जा करने आए लोगों को दौड़ाया तो उन्होंने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। मौके पर देर से पहुंची पुलिस से मुसहरों की झड़प हुई।
उन्होंने पुलिस पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। गांव में टकराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। सीओ सदर ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मामले में पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें दो नामजद लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उधर, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
कोरौत पुल के किनारे स्थित राजस्व गांव अयोध्यापुर (वीरसिंहपुर) में करीब 13 एकड़ बंजर भूमि है। इस जमीन पर वर्षों से मुसहरों की बस्ती आबाद है। करोड़ों की इस बंजर भूमि पर बिल्डरों की नजर है। आरोप है कि बिल्डर ने मुसहर बस्ती के लोगों पर पहले भूमि खाली करने के लिए दबाव बनाया था।
मुसहरों ने कब्जा नहीं हटाया तो इससे नाराज 22 हथियारबंद आधा दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियों से अयोध्यापुर (वीरसिंहपुर) पहुंचे और बंजर भूमि से कब्जा हटाने लगे। विरोध करने पर उन लोगों ने मुसहरों की पिटाई की और पांच झोपड़ियां जला दीं। घटना में हजारी, जगरूप, रामविलास, किसमती और लालजी मुसहर की झोपड़ियां जल गई जिससे अनाज, कपड़े, नकद आदि सामान जलकर नष्ट हो गए।
पथराव और मारपीट में कई घायल
आगजनी के बाद मुसहर बस्ती के लोगों ने लाठी-डंडा लेकर कब्जा करने आए लोगों को दौड़ा लिया। खुद को घिरते देख उन लोगों ने पथराव किया और फायरिंग कर दहशत फैलाई। साथ ही दौड़ाकर मुसहरों की पिटाई की। पथराव और मारपीट में कई घायल हो गए। कुछ अन्य मुहसरों को भी चोटें आईं। सूचना के बाद भी घंटों पुलिस नहीं पहुंची। जिस समय फायरिंग और आगजनी की सूचना आई एसएसपी क्राइम मीटिंग कर रहे थे। उन्हें भी घटना की जानकारी उसी दौरान हो गई। देर शाम सीओ सदर मुकेशचंद्र उत्तम और एसओ लोहता गांव में पहुंचे तो मुसहरों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि रामबिलास की तहरीर पर दो नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, आगजनी आदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से नामजद कोरौता निवासी रामकेश पांडेय और रामाज्ञा पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीपीआई (एम) के जिला सचिव डा. हीरालाल, कामरेड विरेंद्र यादव ने पुलिस पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि रामाज्ञा आदि जिस जमीन को अपना बता रहे हैं वह बंजर है। आरोप लगाया कि हमलावरों ने एक गर्भवती महिला को भी पीटा। पता चला है कि इस जमीन का पट्टा लखनऊ के एक बिल्डर को किया गया है।