तो क्या अगली पारी के हिसाब से बैटिंग कर रहे मोदी?
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वित्त मंत्री अरुण जेटली का आम बजट भले ही आम आदमी को रुलाने वाला रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अगली पारी को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं। मोदी के सपनों को पंख देते हुए वित्त मंत्री ने आम बजट के जरिये अगले दस साल के विकास का ताना-बाना बुना है।
इसीलिए सरकार ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 2022 में अमृत महोत्सव समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार ने 2022 तक देश का कायाकल्प करने का 18 सूत्रीय खाका तैयार किया है।
तय किया गया है कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और राज्यों के नेतृत्व में पीएम मोदी की टीम इंडिया के विचार को आगे बढ़ाया जाएगा। 2022 तक देश का कायाकल्प करने का सपना देखते हुए सरकार ने सबके लिए घर, हर घर को चौबीस घंटे बिजली और हर परिवार का जीवन स्तर सुधारने का लक्ष्य तय किया है।
दस साल के शासन का देख रहे सपना
वित्त मंत्री ने कहा है कि गरीबी कम करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही सरकार ने 2020 तक देश के शेष 20,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने और 1,78,000 बस्तियों को सड़कों से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में एक लाख किमी. सड़कें बनाई जाएंगी।
आम आदमी की अच्छी सेहत के लिए सरकार ने हर गांव में शहर सरीखे स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का सपना दिखाया है। गावों में संचार सेवा की कमी दूर करने के साथ ही बड़ी संख्या में स्कूल खोलने का ऐलान किया गया है। वहीं, कृषि क्षेत्र की गिरती उत्पादकता को दूर करने को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है।
युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया पर जोर देने की बात कही गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि इन दोनों योजनाओं से बेरोजगारी दूर करने में काफी हद तक सफलता मिलेगी।
उद्यमशीलता की भावना बढ़ाने पर बल देते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि इससे हमारे युवा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बन जाएंगे। साथ ही बजट में विकास के मामले में पिछड़ रहे देश के पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।