{"_id":"3241aab8-24c1-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"archaeological-superintendent-investigates-taj-mahal-security","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारी बने पर्यटक तो पता चली 'ताज' की हकीकत","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अधिकारी बने पर्यटक तो पता चली 'ताज' की हकीकत
आगरा/ब्यूरो
Updated Fri, 02 Nov 2012 03:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुबह साढ़े नौ बजे। सफेद टीशर्ट और नीली जींस पहने एक सज्जन ताजमहल देखने पहुंचे। आंखों पर काला चश्मा और सिर पर टोपी पहने इस सज्जन ने बाकायदा टिकट लेकर ताज में प्रवेश किया। चार घंटे तक ताज में वीडियोग्राफी की, लेकिन किसी ने नहीं टोका। बाद में जब सीआईएसएफ कार्यालय में ताकझांक की, तब जवानों को सुरक्षा की याद आई। पूछताछ पर उन्होंने जब टोपी और चश्मा उतारा, वैसे ही जवानों के होश उड़ गए। ये कोई आम पर्यटक नहीं बल्कि खुद पुरातत्व अधीक्षक थे।
विज्ञापन
पुरातत्व अधीक्षक गुरुवार को ताज की सुरक्षा और आम पर्यटकों को होने वाली परेशानी परखने के लिए आम पर्यटक बनकर ताज पहुंचे। टिकट कटवाकर चेकिंग हुई, तभी एक आदमी आया और 300 रुपए में वीआईपी सुविधा दिलाने की बात कहने लगा। आगे चले तो पर्यटकों को गंदे शू कवर दिए जा रहे थे। इस पर उन्होंने काफी देर तक जिरह की। इसके बाद शाहजहां और मुमताज की कब्र देखी। यहां खादिम की जिद पर कब्र पर 50 रुपये भी चढ़ाए।
विज्ञापन
उसके बाद कैमरे को ऑन किया और वीडियो शूट करने लगे, लेकिन किसी ने नहीं रोका। इस पर उन्होंने सीआईएसएफ ऑफिस के सामने ताका-झांकी शुरू कर दी। तब जाकर जवानों ने उनकी संदिग्ध हरकतों पर पूछताछ की। जैसे ही उन्हें पता चला कि ये कोई और नहीं बल्कि पुरातत्व अधीक्षक नवरत्न कुमार पाठक हैं, वैसे ही सुरक्षाबलों के होश उड़ गए। उन्होंने जवानों को कड़ी फटकार लगाई। पाठक ने बताया कि गुप्त दौरे में उन्हें कई खामियां मिली हैं, जिनकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन
'साहब वीआईपी गेट से इंट्री करा दूंगा'
गेट पर भारी भीड़ देख एक आदमी पुरातत्व अधीक्षक के पास पहुंचे। तीन सौ रुपये में वीआईपी गेट से इंट्री कराने की बात कही। इसके अलावा हॉकरों ने सामान की बिक्री का दबाव भी डाला। फटकार पड़ने के बाद जवान हरकत में आए और धरपकड़ करते हुए आधा दर्जन हॉकर और लपकों के चालान काटे।