आमिर के बयान पर रहमान बोले, मैं भी हुआ असहिष्णुता का शिकार
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने आमिर खान के बयान का समर्थन किया है। मंगलवार को पणजी में उन्होंने कहा वे आमिर खान के बयान से सहमत हैं कि मुल्क में असहिष्णुता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सितंबर में संगठन ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था, जिसके बाद उन्हें भी ऐसा ही लगा था।
उल्लेखनीय है कि मोहम्मद साहेब के जीवन पर बनी फिल्म 'मोहम्मदः मैसेंजर ऑफ गॉड' में संगीत देने के चलते रजा अकेडमी ने सितंबर में एआर रहमान के खिलाफ फतवा जारी किया था। रजा अकेडमी का अरोप था कि मोहम्मद साहेब के जीवन पर फिल्म बनाकर उनका असम्मान किया गया है।
एआर रहमान ने कहा, ''मैं दो महीने पहने ऐसे ही हालात से गुजरा था। कुछ भी हिंसात्मक नहीं होना चाहिए। हम एक सभ्य देश हैं और दुनिया ये दिखाना चाहिए कि हम सबसे अच्छी सभ्यता हैं।'
विहिप ने दी थी रहमान को 'घर वापसी' की सलाह
उल्लेखनीय है कि जब एआर रहमान के खिलाफ फतवा जारी किया गया था, तब दिल्ली और उत्तर प्रदेश में होने वाले उनके कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे। उस फतवे के चलते ही विश्व हिंदू परिषद ने एआर रहमान के धर्मांतरण का मुद्दा उछाला था।
विहिप ने कहा था कि रहमान का 'घर वापसी' कर लेन चाहिए। 'घर वापसी' हिंदू संगठनों द्वारा चलाया जाने वाला धर्मांतरण अभियान है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस के विशेष कार्यक्रम में आमिर खान ने कहा था कि असहिष्णुता के मसले पर उन्हें कई मौके पर चेताया जा चुका है। उन्होंने कहा,''मेरी पत्नी किरण राव तो इस कदर डर गई थीं कि उन्होंने मुझे देश छोड़ने तक की सलाह दे दी थी।''