जजों की नियुक्ति को आरटीआई के दायरे में नहीं लाना चाहता केंद्र
केंद्र सरकार उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को आरटीआई के दायरे में लाने का इच्छुक नहीं दिख रही। माना जा रहा है कि ऐसा करने पर इच्छुक लोगों और हित धारी पक्षों से आवेदनों की बाढ़ लग सकती है।
लेकिन, सरकार जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहती है, ऐसे में वह नियुक्ति प्रक्रिया में एक उपधारा जोड़ना चाहती है कि कोलेजियम की ओर से सुझाए गए नाम पर अगर कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी आती है तो उसे कार्यपालिका के साथ जरूर साझा किया जाए।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और 24 हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को आरटीआई के दायरे में लाना व्यावहारिक नहीं है।
लेकिन तब चाहती थी सरकार
सुप्रीम कोर्ट में कोलेजियम सिस्टर को लेकर जब सुनवाई चल रही थी उस वक्त
सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को आरटीआई के दायरे में लाने की वकालत की थी।
अब सरकार की ओर भेजे गए मसौदा नियुक्ति प्रक्रिया पर प्रधान न्यायाधीश और
कोलेजियम के अन्य सदस्य अंतिम फैसला लेंगे।
यह मसौदा नियुक्ति प्रक्रिया
जजों की नियुक्ति कैसे की जाए उसका एक रोडमैप है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने
केंद्र सरकार से तैयार करने को कहा था।