फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   application dismissed in which appeal of summoning ex prime minister manmohan singh as witness in coal scam

मनमोहन को गवाह तलब करने संबंधी आवेदन खारिज

Mon, 11 Jan 2016 10:45 AM IST
Updated Mon, 11 Jan 2016 10:45 AM IST
विज्ञापन
application dismissed in which appeal of summoning ex prime minister manmohan singh as witness in coal scam

अदालत ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बतौर गवाह पेश होने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (जेआईपीएल) के निदेशक आरएस रूंगटा ने आवेदन दायर कर यह आग्रह किया था। अदालत इससे पहले उनके पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव को भी गवाह के रूप में तलब करने संबंधी आवेदन को खारिज कर चुकी है।
विज्ञापन


पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पाराशर ने अपने आदेश में कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर आरोपी को अपने बचाव के लिए पसंद का गवाह व सबूत पेश करने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि इस अधिकार का प्रयोग सुनवाई में देरी के लिए नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पूरा मामला

application dismissed in which appeal of summoning ex prime minister manmohan singh as witness in coal scam

रूंगटा ने याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मामले में बचाव पक्ष के गवाह के रूप में तलब करने का आग्रह किया था। उन्होंने अदालत से पिछले साल 23 दिसंबर के आदेश में संशोधन का अनुरोध किया था।

न्यायाधीश भरत पाराशर ने अपने आदेश में कहा कि रूंगटा की यह दलील तथ्यात्मक रूप से गलत है कि अदालत ने उनकी निर्दोषता साबित करने के लिए अपनी पसंद के गवाह और दस्तावेज को आधिकारिक रूप से पेश करने का आग्रह खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों में 23 दिसंबर 2015 के आदेश में संशोधन के लिए वर्तमान आवेदन के जरिये किया गया अनुरोध तर्क संगत व टिकाऊ नहीं है। इसी तरह से आवेदन दायर कर आदेश संशोधित करने का कोई आधार नहीं है।

अदालत ने कहा कि आरोपी ने जिन रिकॉर्ड को तलब करने का अनुरोध किया है उन्हें पिछले साल के आदेश में आधिकारिक रूप से पेश करने की अनुमति दी जा चुकी है।

जेआईपीएल और इसके दो निदेशक आरएस रूंगटा और आरसी रूंगटा कथित रूप से झूठे और फर्जी दस्तावेज के आधार पर फर्म को झारखंड में नॉर्थ धाडू कोयला ब्लॉक आवंटित करने से जुड़े मामले में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed