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जब कन्नौज से इत्र की शीशी लेकर दिल्ली रवाना हुए एपीजे अब्दुल कलाम

Tue, 28 Jul 2015 09:20 AM IST
Updated Tue, 28 Jul 2015 09:20 AM IST
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apj abdul kalam last trip of kannauj

पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रदेशवासियों को कन्नौज से आखिरी पैगाम देते हुए पर्यावरण बचाने का आह्वान किया था। करीब 23 मिनट के भाषण में पर्यावरण संरक्षण को तरक्की का मंत्र बताते हुए पौधे की महत्ता भी बताई थी।

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वक्त था कन्नौज जिले के तिर्वा तहसील स्थित गांव अंदुआहार में सोलर पावर प्लांट के उद्घाटन का। इतना ही नहीं वह कन्नौज से इत्र की शीशी लेकर विदा हुए थे। सोमवार देर शाम जब डा. कलाम के निधन की खबर आई तो लोग उनकी यादों में खो गए। सात जुलाई को सोलर प्लांट के उद्घाट के वक्त पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम पर्यावरण को लेकर पूरी तरह से भाव विभोर नजर आए थे।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहां नौ मिनट में ही अपना भाषण खत्म कर लिया वहीं डा. कलाम ने माइक संभाला तो करीब 23 मिनट बोलते रहे। इस दौरान उन्होंने सोलर की महत्ता पर प्रकाश डाला और देशभर में सोलर प्लांट स्थापित करने की बात कही। यह भी बताया कि उनके आवास में भी सोलर प्लांट लगा है।
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इसका सबसे बड़ा कारण है कि सोलर प्लांट से पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है और सस्ती बिजली भी मिल रही है। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण भी किया था और हाथ उठवा कर लोगों को पौधरोपण का संकल्प दिलाया था। सोमवार को उनके निधन की खबर मिलते ही लोगों का यही कहना था कि डा. कलाम उन्हें जो संकल्प दिला गए हैं उसे हर हाल में पूरा करेंगे।

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मोह लिया था मन

apj abdul kalam last trip of kannauj

चंदुआहार गांव में आयोजित समारोह में पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम ने कन्नौजवासियों का मन मोह लिया था। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने मुस्कान बिखेरते हुए सर्वप्रथम दोनों हाथ जोड़कर पांडाल में बैठे लोगों को नमस्कार किया था। यह देखकर एकाएक पहले तो मौजूद भीड़ गदगद हो गई फिर जनसैलाब ने भी खड़े होकर उनका अभिवादन किया।

कुरसी पर बैठने से पूर्व उन्होंने चारों तरफ लोगों की ओर हाथ हिलाते हुए देखा और लोगों के अभिवादन को स्वीकार किया। जाने से पहले भी उन्होंने मंच पर घूमकर चारों तरफ लोगों की तरफ निहारते हुए अपनी प्रसन्नता का इजहार किया था। हालांकि उन्होंने अंग्रेजी में भाषण दिया था, तत्काल उनके भाषण का हिंदी में अनुवाद भी सुनाया गया था। इस वजह से भी लोग उन पर मंत्र मुग्ध थे।

देखा था पक्षी विहार का नजारा

जनसभा के बाद लाख बहोसी पक्षा बिहार का नजारा देखा था। वहां गेस्टहाउस में कुंदरू, तरोई, करेला, बैगन की भुझिया उन्होंने खाई थी। टीम राइस के साथ ही सलाद, चपातियां के साथ नीबू का अचार खाया था। चंदुआहार से विदा करते समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व राष्ट्रपति को कन्नौज का इत्र भेंट किया। डा. कलाम ने इत्र की शीशी लहराकर सबको खिलखिलाते हुए दिखाई थी।

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