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लोग फोटो खींचते रहे और वो तड़प कर मर गई

Sat, 14 Mar 2015 03:23 PM IST
Updated Sat, 14 Mar 2015 03:23 PM IST
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Apathetic Kolkatans take photos but leave accident victim to die

कोलकाता के एजेसी बोस रोड पर 28 वर्षीय महिला तड़पती रही और उसे बचाने कोई नहीं आया। चार बच्चों की मां अफसा खातून अपने बच्चों को स्कूल छोड़ कर वापस आ रही थी। रास्ते में एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी। बस की टक्कर के बाद अचेत और घायल होकर आसफा 25 मिनट तक बीच सड़क पर पड़ी तड़पती रही। पर उन्हें बचाने कोई भी नहीं आया। यह हादसा ऐसी जगह पर हुआ था जहां से हजारों लोग उस समय गुजर रहे होते हैं।

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टीओआई की खबर के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में ऐसी बातें सामने आई हैं कि लोगों से भरोसा ही उठा जाए। हादसे के बाद लोग अपने मोबाइल फोन से उस महिला की तस्वीर खींच रहे थे। साथ ही इधर-उधर जा रहे थे। पर किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। आसफा के परिवार के मुताबिक अगर समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो आसफा बच सकती थी। काश! कोई उसकी मदद करने के लिए आगे आया होता।
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बस ने मारी थी टक्कर

Apathetic Kolkatans take photos but leave accident victim to die

अफसा जब अपनी बच्चियों हाशा और अक्‍शा को स्कूल से छोड़कर वापस लौट रही थी तो एक तेज रफतार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। बस ने ओवर टेक करने के चक्कर गलत लेन में गाड़ी चढ़ा दी। मल्लिकाबाजार से मुहाली जाने वाले रास्ते पर यह हादसा हुआ।

एजेसी बोस रोड के सामने स्थित सेंट जॉन चर्च के सामने अफसा पड़ी तड़पती रहीं। पर कोई भी मदद नहीं करने आया। इस रोड पर छात्रों को छोड़कर आने वाले वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। बसों में दूसरें यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा रहा था। पर किसी ने भी उस तड़पती हुई महिला की मदद करने की कोशिश नहीं की।

दुर्घटना स्‍थल से अफसा का घर कुछ ही दूरी पर है। जैसे ही उसके मुहल्ले वालों को पता चला कि किसी महिला का एक्सीडेंट हो गया है तो वह तुरंत पहुंचे।  अफसा हो चितरंजन नेशनल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। एमबीए के छात्र मोहम्मद साजम जोकि मरहूम आसफा के भाई हैं ने बताया कि अफसा का इलाज समय पर नहीं किया गया।

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पुलिस वालों को एक गवाह तक नहीं मिला

Apathetic Kolkatans take photos but leave accident victim to die

इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ने बताया कि अफसा ने एनआरएस की एक मेडिकल छात्रा को अपना नाम और अपने पति का मोबाइल नंबर दिया था। उसके तुरंत बाद ही अफसा मूर्छित होने लगी। अफसा के भाई ने बताया कि अफसा का तुरंत इलाज भी शुरू नहीं किया गया था।


जब अस्पताल वालों ने अफसा के पति को फोन किया तो वह नहा रहे थे इसलिए वो फोन नहीं उठा पाए। जब पार्क स्ट्रीट पुलिस ने इस मामले में पूछताछ शुरू की तो उन्हें झटका लगा। पुलिस वालों को एक गवाह तक नहीं मिला जिसने यह हादसा होते हुए देखा हो।

सीसीटीवी फुटेज से साफ पता चल रहा था कि अगर समय पर अफसा को मदद दी गई होती तो वह बच सकती थी। प्रशासन ने इस मामले में दोष अपने सिर लेने से मना कर दिया है। अस्पताल ने भी कहा कि अफसा को पहले ही बहुत खराब हालत में यहां लाया गया था। पुलिस ने भी अपनी लॉग बुक दिखा कर इस मामले में बताया कि ‌कितनी जल्दी वह जगह पर पहुंचे और फास्ट कॉरिडोर बनाकर अफसा को अस्पताल तक पहुंचा दिया।

अफसा का सबसे छोटा बच्‍चा तीन माह का है। अफसा के पति रिपन स्ट्रीट पर शीशे का कारोबार करते हैं। उसके पति ने बताया कि बच्चों को स्कूल छोड़कर आने पर वह छोटे बच्चे को दूध पिलाएगी। इतना कहते ही सिद्दीकी रो पड़ते हैं।

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