मोदी सरकार के एक और मंत्री पर विवाद
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मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल मंत्रियों लेकर एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं। पहले मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के डिग्री विवाद को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। अब हरियाणा से बीजेपी सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को लेकर विवाद गरमा गया है।
राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ बीजेपी ने एक समय भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा कर जांच की मांग की थी। हालांकि उस समय राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस में हुआ करते थे।
इस विवाद की शुरूआत सोशल मीडिया से शुरू हुई। जहां ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं कि कोई व्यक्ति जब कांग्रेस में भ्रष्ट था तो क्या बीजेपी में शामिल होने के बाद वह साफ-सुथरा हो जाता है?
सोशल साइट्स पर छिड़ी बहस
इस सवाल के साथ ही सोशल साइट्स पर राव इंद्रजीत सिंह को लेकर बीजेपी नेता किरीट सोमैया का एक पत्र भी सामने आ रहा है। जिसमें उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन मंत्री रहे राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
बता दें कि राव इंद्रजीत सिंह 2014 में बीजेपी में शामिल हुए हैं और गुड़गांव से चुनाव जीत कर मंत्री बनाए गए हैं। इससे पहले वह कांग्रेस में थे।
यूपीए सरकार में 2006 से 2009 के बीच उन्हें रक्षा उत्पादन मंत्री बनाया गया था। उसी दौरान बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ एक पत्र लिखा था।
मामला मुंबई के कल्पतरू बिल्डर्स डिफेंस लैंड घोटाले से जुडा़ था। जिसमें बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन रक्षा उत्पादन मंत्री ने अपने निजी सचिव से कह कर सैन्य अधिकारियों से कल्पतरू बिल्डर्स को सेना की जमीन देने के लिए कहा था।
रक्षा राज्य मंत्री ने दी सफाई
अब इसी मुद्दे पर विवाद गरमाया है। सोशल मीडिया खासकर ट्विटर पर इसको लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस बीच बीजेपी नेता और रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की ओर से सफाई आई है। उन्होंने कहा, "मामले के जांच में सीबीआई को मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला है। अगर कुछ मिलता तो मेरे खिलाफ कार्रवाई जरूर होती। फिलहाल मैं बीजेपी में हूं इसलिए कुछ लोग ये मुद्दा उठा रहे हैं।"
अब इस मामले में क्या सच है और क्या झूठ ये पता नहीं। लेकिन इस विवाद के बाद एक बार फिर से मोदी के नेतृत्व में गठित नए मंत्रीमंडल पर सवाल जरूर उठे हैं।