कांग्रेस नेता पर नाजायज संबंधों के आरोप
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री नारायण राठवा ने एक महिला की ओर से लगाए गए नाजायज संबंधों के आरोपों को ‘ब्लैकमेलिंग’ की साजिश करार दिया है।
साथ ही उन्होंने महिला के वयस्क बेटे का पिता होने के दावे के सिलसिले में पितृत्व परीक्षण के लिए डीएनए जांच से भी इनकार कर दिया है। गुजरात हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई चार सितंबर को करेगा।
गुजरात के छोटा उदयपुर लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता राठवा (61) पर उसके बच्चों का नाजायज पिता होने का आरोप लगाते हुए अमरेली जिले की एक महिला ने अदालत में मामला दर्ज कराया हुआ है।
उसने खुद को राठवा की पत्नी का दर्जा दिए जाने और उसके बच्चों के पितृत्व परीक्षण के लिए डीएनए जांच कराने की गुहार पिछले साल मई में अमरेली की एक स्थानीय अदालत में लगाई थी। इसके खारिज होने पर उसने नवंबर में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
हाईकोर्ट ने नौ जुलाई को राठवा से जवाब तलब किया था और अगस्त के मध्य तक अपना जवाब देने को कहा था।
हाल में राठवा ने हाईकोर्ट को दिये जवाब में इस प्रकरण को उक्त महिला की साजिश करार देते हुए डीएनए जांच से इनकार किया है। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई चार सितंबर को करेगी।
राठवा ने स्वीकार किया कि सामाजिक कार्यों से जुड़ी इस महिला को वह पहले से जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अपने सास ससुर से खराब बर्ताव करती रही है और उसकी वजह से ही उसके पति की असमय मौत हो गई।
उधर, महिला का आरोप है कि वह और राठवा लंबे समय तक पति पत्नी की तरह रहे हैं। उसके दोनो बच्चे, जिनमें से बड़ा 18 साल का है, इसी संबंध से पैदा हुए हैं।