केजरीवाल के लोकपाल को अन्ना की हरी झंडी!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपने पूर्व सहयोगी अरविंद केजरीवाल की सरकार के जन लोकपाल और स्वराज विधेयक को समर्थन का संकेत दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दो दिन में दूसरी बार रविवार को भी अन्ना से मुलाकात की। महाराष्ट्र सदन में करीब आधे घंटे की मुलाकात में केजरीवाल ने अन्ना से जनलोकपाल और स्वराज बिल पर बात की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अन्ना ने कहा कि जिस तरह से अरविंद ने जनलोकपाल बिल और स्वराज के बारे में जानकारी दी है वह अच्छा लग रहा है। बिल पारित नहीं होने की सूरत में सरकार के इस्तीफा देने के केजरीवाल के ऐलान का भी अन्ना ने समर्थन किया।
आगे पढ़िए, अन्ना से मुलाकात पर केजरीवाल ने क्या कहा?
'गुरु से मिलने आए, सियासत नहीं'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे से मुलाकात के सिलसिले पर सफाई दी कि वह यहां अपने गुरु से मिलने आए थे। इस दौरान अन्ना को जनलोकपाल और स्वराज बिल की विस्तार से जानकारी दी। अन्ना उनके इन मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं।
राजनीतिक चर्चाओं के बारे में केजरीवाल ने कहा कि वह अपने गुरु से सियासत पर चर्चा करने नहीं आते। मालूम हो कि केजरीवाल शनिवार के बाद रविवार को भी महाराष्ट्र सदन पहुंच कर अन्ना हजारे से मुलाकात की। इस बार उनके साथ शहरी विकास मंत्री मनीष सिसौदिया और वरिष्ठ नेता संजय सिंह भी मौजूद थे।
आगे पढ़िए, अन्ना हजारे से अमर उजाला की खास बातचीत।
चुनाव हुए तो अरविंद को मिलेगा पूर्ण बहुमत
अन्ना- मुझसे ज्यादा तो तुम करीब हो, मैं तो रालेगण सिद्धि में रहता हूं, सही कर रहा है, गलत कर रहा, तुम ज्यादा जानते हो।
- भाजपा और कांग्रेस केजरीवाल के जनलोकपाल बिल का समर्थन नहीं कर रहे हैं, आपका क्या कहना है?
अन्ना- दोनों को नुकसान होगा। अगर दिल्ली में फिर से चुनाव हुए तो अरविंद केजरीवाल की पूर्ण बहुमत से सरकार आएगी।
अन्ना की आगे की तैयारी
अन्ना- अब राइट टू रिजेक्ट और राइट-टू रिकॉल के लिए काम करेंगे। संसद और विधानसभा में जो गुंडे, लुटेरे, व्यभिचारी, भ्रष्टाचारी जा रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए हमारी तैयारी है।
- जो राजनीतिक दल आपकी बातों को नहीं मानेंगे, क्या आप उनका विरोध करेंगे?
अन्ना- विरोध की जरूरत नहीं है, जो दल हमारे 17 पाइंट मान लेंगे, उनके लिए जनता से अपील करेंगे, इन्हें वोट करो।
क्या अन्ना राहुल, मोदी का करेंगे समर्थन?
अन्ना- यूपीए ने 2.5 साल परेशान किया, जेल में डाल दिया, कितनी तकलीफ दी, मैं कभी भूल नहीं सकता हूं।
- तो क्या आप भाजपा के नरेंद्र मोदी का समर्थन करेंगे?
अन्ना- समर्थन सिर्फ उसी का करना है जो मेरी 17 बातें मानेगा। मोदी या राहुल गांधी की बात नहीं, सिर्फ उसे सपोर्ट जो देश की भलाई के बारे में सोचते हैं।
- आपने कहा है कि संविधान में पार्टी या पक्ष नहीं है, तो क्या आप पार्टियों के खिलाफ आंदोलन करेंगे?
अन्ना- जनता को जागरूक करेंगे कि ऐसे लोगों को वोट करें, जो चरित्रवान हों। जनता अपने उम्मीदवार खुद खड़े करे।