मुश्किल में आप, दो और नेताओं का इस्तीफा
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देश के राजनीति क्षितिज पर तेजी से उभरी आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी को लगातार एक के बाद एक झटका लग रहे हैं।
पार्टी के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली और संस्थापक सदस्यों में से एक अंजलि दमानिया ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी संस्थापकों में एक गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ी शाजिया इल्मी पहले ही पार्टी छोड़ चुकी हैं। आप के प्रमुख नेता और पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य योगेंद्र यादव भी पार्टी में अंर्तकलह के चलते पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे चुके हैं।
गडकरी के सामने थीं आप की प्रत्याशी
दमानिया ने अपना त्यागपत्र पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को भेज दिया है। हालांकि दमानिया का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। आप की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में अंजलि के त्यागपत्र पर भी विचार किया जायेगा।
अंजलि दमानिया लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के सामने आप की प्रत्याशी थीं और चुनाव हार गई थीं।
वहीं इस्तीफे पर आप नेता मयंक गांधी ने कहा दमानिया ने केवल पार्टी पदों से इस्तीफा दिया है, पार्टी नहीं छोड़ी है और उन्हें मनाने के प्रयास किये जा रहा है। महाराष्ट्र में आप की संयोजक दमानिया ने अपने इस्तीफे में लिखा है.. मैं भारी मन से पार्टी से अलग हो रही हूं।
जमानत भी नहीं बचा पाईं थी अंजली
केजरीवाल के प्रति मेरे मान में बहुत सम्मान है, वह मेरे बडे़ भाई की तरह हैं। मेरा सभी से केवल यह अनुरोध है कि मेरे पार्टी छोड़ने के फैसले में किसी प्रकार की साजिश न देखी जाए।
दमानिया ने लिखा है कि उन्होंने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और न ही भविष्य में करूंगी। मीडिया से अपनी निजता बनाए रखने का आग्रह करते हुए दमानिया ने पार्टी को शुभकामनाएं दीं।
गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले दबाने का आरोप लगाने वाली दमानिया लोकसभा चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाई थीं।