फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Anil Shastri demands govt to public files of Lal Bahadur Shashtri

नेता जी के बाद उठी शास्त्री की फाइलें सार्वजनिक करने की मांग

Sun, 27 Sep 2015 09:33 AM IST
Updated Sun, 27 Sep 2015 09:33 AM IST
विज्ञापन
Anil Shastri demands govt to public files of Lal Bahadur Shashtri

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मौत से जुड़ी फाइल को भी सार्वजनिक करने की मांग उठ गई है।

विज्ञापन


खुद लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने सीधे मोदी से अपील की है कि वे लालबहादुर शास्त्री की संदेहास्पद परिस्थरतियों में हुई मौत से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करें। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की मौत की जांच के लिए एक कमेटी बनाए जाने की भी मांग की है।

शास्त्री ने यह मांग की है कि उनके पिता के निधन की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा है कि कई लोगों का ऐसा मानना है कि शास्त्री जी की मौत स्वाभाविक नहीं थी। उनका चेहरा नीला पड़ गया था और उनकी डायरी भी नहीं मिली थी। शास्त्री की इस मांग को लेकर कांग्रेस असहज पड़ गई है।
विज्ञापन


नेताजी की पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से जासूसी करवाने के आरोप को कांग्रेस पहले ही झेल रही है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अनिल शास्त्री की इस मांग की निंदा करते हुए इसे ब्लैकमेलिंग करार दिया। शास्त्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनिल शास्त्री ने भारतीय दूतावास पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ताशकंद में वे जिस कमरे में थे। वहां ना कोई बेल था और ना ही टेलीफोन। उन्हें प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया था।

मुश्‍किल में फंसती दिख रही कांग्रेस

Anil Shastri demands govt to public files of Lal Bahadur Shashtri

अनिल शास्त्री की इस मांग पर को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित दीक्षित ने कहा कि आज 45 साल बाद क्यों उन्हें इसकी जांच कराने की याद आयी है। वे अबतक क्यों चुप थे। यह ब्लैकमेलिंग है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन से जुड़ी 64 फाइलों को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी हाल ही में सार्वजनिक कर चुकी हैं। ममता ने मोदी सरकार से भी अपील की है कि वह केंद्र की हिफाजत में रखी गई नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करे।

अनिल शास्त्री के विवादित बयान से कांग्रेस के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। नेता जी बोस की फाइलों में खुलासा हुआ था कि पंडित नेहरू की कांग्रेस सरकार ने नेता जी की खोज के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए।

साथ ही उनकी जासूसी करवाने को लेकर भी तथ्य सामने आए। इन आरोपों को लेकर कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के सवाल उठाकर पंडित नेहरू ही नहीं बल्कि उस समय गृह मंत्री रहे सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री समेत तमाम महापुरुषों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed